बिलासपुर।
जिला की सड़कों में की गई टारिंग के दो महीने के बाद ही उखड़ने के मामले में विजिलेंस ने विभाग और ठेकेदारों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। सड़कों में किए गए कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने चार सड़कों के सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के लिए भेज दिया गया है। जांच की रिपोर्ट आने के बाद कार्य करने वाले ठेकेदारों और संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही मामले से जुड़े लोगों पर आपराधिक मामले भी दर्ज हो सकते हैं। इससे विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। इससे पहल क्षेत्र की सड़कों में लाखों रुपये की गई टारिंग के कुछ दिनों और महीनों के भीतर उखड़ने की शिकायतें आ चुकी हैं। इस पर लोगों ने घटिया कार्य करने के आरोप भी लगाए थे। इस पर हरकत में आते हुए विजिलेंस ने यह कार्रवाई अमल में लाई है।
इन सड़कों के भरे सैंपल
विजिलेंस ने ब्रह्मपुखर-दयोथ संपर्क सड़क, बामटा-कंदरौर सड़क, बरठीं मुख्य बाजार सड़क और झंडूता-समोह-सेर सड़क के सैंपल भरे हैं। इन सभी सड़कों पर टारिंग दो ओर तीन महीने के भीतर ही उखड़ गई थी। इससे इन सड़कों में किए गए कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे थे। इसको देखते हुए विभाग ने सैंपल भरकर जांच के लिए एफएसएल मंडी भेज दिए हैं। अब जांच एजेंसी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित विभाग ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
वहीं अनियमितताएं बरतने वाले ठेकेदारों के लाइसेंस भी रद्द हो सकते हैं। विजिलेंस डीएसपी बिलासपुर संजीव भाटिया ने बताया कि जिला के विभिन्न स्थानों से चार सड़कों के सैंपल भरे गए हैं। इन्हें जांच के लिए मंडी प्रयोगशाला भेजा गया है। अभी इनकी रिपोर्ट नहीं बाकि है। रिपोर्ट आने पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।