बिलासपुर। बिलासपुर के बंदला मार्ग पर चालक की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया है। अगर चालक ने समय रहते बस में आपातकालीन ब्रेक नहीं लगाई होती तो बस में सवार 45 सवारियों की जान आफत में आ सकती थी लेकिन चालक सुनील कुमार ने बस को पहाड़ी से दे मारा जिससे बस पांच से दस फुट आगे जाकर रुक गई। बाद में सवारियों को अन्य बसों में बिलासपुर भेजा गया। बहरहाल बस को एचआरटीसी वर्कशॉप में मरम्मत के लिए लाया गया है।
जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह दिल्ली से मरोत्तन रूट पर बिलासपुर पहुंची 2017 मॉडल की बस को सुबह बिलासपुर से बंदला रूट पर वाया ब्रह्मपुखर होकर भेजा गया। बस सुबह साढ़े सात बजे बंदला के लिए बिलासपुर बस अड्डा से रवाना हुई। जबकि पौने दस बजे वापसी के समय बस काला बाबा की कुटिया के पास उतराई में जैसे ही बस चालक ने बस को नियंत्रण करने के लिए ब्रेक लगानी चाही तो बस की प्रेशर पाइप की वाशल टूट गई। इससे बस की ब्रेक नहीं लगी। इससे पहले की चालक बस पर से पूरा नियंत्रण खो बैठता उसने पहले ही उसने हैंडब्रेक लगा दी जिससे बस दस फुट आगे जाकर पहाड़ी से टकरा कर रुक गई।
बस में 45 के करीब यात्री सवार थे, जिन्हें बाद में बाहर सुरक्षित निकाला गया। हादसे में बस को थोड़ा बहुत नुकसान जरूर हुआ है लेकिन किसी भी सवारी को चोटें नहीं आई हैं। हादसे की सूचना मिलते ही निगम के बिलासपुर में कार्यरत क्षेत्रीय प्रबंधक पवन कुमार शर्मा तत्काल मौके पर पहुंच गए थे, जिन्होंने स्थिति का जायजा लेते हुए बस को वर्कशॉप पहुंचाया जहां बस को दुरुस्त कर दिया गया।
हिमाचल पथ परिवहन निगम बिलासपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक पवन कुमार का कहना है कि प्रेशर पाइप में लिकेज होने से ब्रेक नहीं लग पाई लेकिन चालक ने सूझबूझ से बस को रोक लिया। बस की तकनीकी खराबी को दूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि बस 2017 मॉडल की थी।