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मादक पदार्थ के आरोपी सिद्ध होने दस साल की कैद

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नशा तस्करी का आरोप सिद्ध होने
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पर दस साल का कठोर कारावास
विशेष सत्र न्यायाधीश अमन सूद की अदालत ने सुनाया फैसला
दोषी को एक लाख रुपये जुर्माना भी भरना होगा
जुर्माना अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। 20 किलो ग्राम चूरा पोस्त और 13,300 नशीली दवाइयों के साथ गिरफ्तार आरोपी को विशेष सत्र न्यायाधीश अमन सूद की अदालत ने आरोप सिद्ध होने पर दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास और दस लाख रुपये जुर्माना अदा करने के आदेश जारी किए हैं। वहीं जुर्माना अदा न करने की सूरत में एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
उप जिला न्यायवादी घुमारवीं कैंप बिलासपुर ने बताया मुलजिम रविंद्र कुमार पुत्र गुरुवचन गांव रंडाला डाकघर लुनस तहसील नालागढ़ पुलिस स्टेशन रामशहर जिला सोलन हिमाचल प्रदेश धारा 15,बी मादक स्वापक औषधि अधिनियम और मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी रविंद्र कुमार को धारा 15 बी के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को एक वर्ष का कठोर कारावास और धारा 21 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 1 लाख का जुर्माना लगाया है। उन्होंने बताया कि जुर्माना न भरने की स्थिति में आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास दोनों सजाएं एक साथ लागू की जाएंगी। उन्होंने बताया कि 16 अक्तूबर 2015 को शाम 4 बजे जबल नामक स्थान के पास मुलजिम रविंद्र कुमार को 20 किलो ग्राम चूरा पोस्त और 13,300 नशीली दवाई माईक्रोलिट के साथ गिरफ्तार किया गया था और जुर्म धारा 15 बी और 21 मादक स्वापक औषधि अधिनियम तथा मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम की जद में पाया गया।
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इसकी सूचना थाना स्वारघाट में की गई और एफआईआर 75,15 दर्ज की गई और उसका चालान अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने 9 गवाहों की दलील अदालत में पेश की। उन्होंने बताया कि केस की पैरवी विनोद भारद्वाज, उमेश शर्मा, नवीन धीमान उप जिला न्यायवादी ने व्की। जबफि मामले की छानबीन इंस्पेक्टर कर्म सिंह ने की।
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