स्वारघाट (बिलासपुर)। उपमंडल स्वारघाट के तहत राजकीय प्राथमिक पाठशाला ज्योरीपतन में तैनात शिक्षक मदन लाल पर आईआरडीपी का जाली प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हथियाने का आरोप लगा है। इस संबंध में स्थानीय युवक अर्जुन सिंह ने स्वारघाट थाना में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
मदन लाल की अगस्त 2006 में राजकीय प्राथमिक पाठशाला ज्योरीपतन में बतौर पैरा टीचर नियुक्ति हुई थी। इसी गांव के एक युवक अर्जुन सिंह ने भी सभी दस्तावेज सहित उक्त पैरा शिक्षक के पद के लिए आवेदन किया था। लेकिन, अर्जुन सिंह पुत्र निक्कू राम निवासी रौना डाकघर जकातखाना जिला बिलासपुर का चयन नहीं हुआ था।
अर्जुन सिंह का कहना है कि उक्त पद मदन लाल ने धोखाधड़ी से हथिया लिया। उस पद पर नियुक्ति का हक उसका था। अर्जुन सिंह ने पुलिस थाना स्वारघाट में दिए बयान में कहा है कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला ज्योरीपतन में कार्यरत पैरा शिक्षक मदन लाल ने 2006 में आईआरडीपी का जाली प्रमाण पत्र प्रस्तुत करके व कमेटी की आंखों में धूल झोंककर नौकरी हासिल की है।
बताया कि उसने उक्त शिक्षक के बारे में सारी जानकारी सूचना के आधार से प्राप्त की है। इस बात का खुलासा हुआ है कि उसने आईआरडीपी का जाली प्रमाणपत्र लगाकर पैरा शिक्षक की नौकरी प्राप्त की है। इन सारे दस्तावेज सहित अर्जुन सिंह ने उक्त मामले की शिकायत पुलिस थाना स्वारघाट में की है। इसके बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
डीएसपी श्री नयना देवी अनिल शर्मा ने बताया कि मदन लाल पैरा शिक्षक के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 341 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।