अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एक मामले में अभिषेक उर्फ शेखु पुत्र ओम चंद एवं मदन चंद पुत्र आत्मा राम गांव जजरी पोस्ट ऑफिस रैली तहसील बड़सर जिला हमीरपुर को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने अभिषेक को धारा भादंसं की धारा 307 के तहत चार साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई और भादंसं 341,34 के तहत दोनों अभियुक्तों अभिषेक और मदन चंद को एक महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई।
अभियुक्त अभिषेक को 307 आईपीसी के तहत 5 हजार जुर्माना अदा करने के आदेश जारी किए हैं। जुर्माना अदा न करने की सूरत में उसे तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगताना होगा। अभियुक्त अभिषेक को सुनाई गई दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
23 मार्च 2015 को जब पीड़ित राज कुमार पुत्र उधमी राम एवं अजय सिंह पुत्र प्यार सिंह गांव जजरी तहसील बड़सर ऑल्टो कार में बरठीं से जजरी जा रहे थे। इसी समय करीब 7:15 बजे शाम जब भल्लू पुल के पास पहुंचे जोकि जिला बिलासपुर में पड़ता है तो दोषी अभिषेक, मदन चंद एक अन्य दोषी सन्नी उर्फ रिंकू जो सभी उपरोक्त पते के रहने वाले हैं ने राजकुमार और अजय सिंह का रास्ता रोका और अभिषेक ने राजकुमार की पीठ पर दराट से हमला किया जिससे उसे गंभीर चोट पहुंचाकर मौत के घाट उतारने का प्रयत्न किया। अजय सिंह ने राजकुमार को हमीरपुर के जिला अस्पताल पहुंचाया जहां से उसे मेडिकल कॉलेज टांडा भेजा गया था।
हमीरपुर अस्पताल में अजय सिंह का ब्यान लिखकर पुलिस द्वारा थाना तलाई भेजा गया था जहां पर एफआईआर 24 मार्च 2015 को दर्ज की गई। जांच पूर्ण होने पर अदालत में आरोप पत्र दायर किया गया था। मुकदमे के दौरान अभियुक्त सन्नी उर्फ रिंकू की मौत हो गई थी।
इस मुकदमा की जांच निरीक्षक प्रेम सिंह, सहायक उपनिरीक्षक भिवानी शंकर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनमोहन सिंह ने की थी। अदालत में मामले की पैरवी उस वक्त के लोक अभियोजक संदीप अत्री की ओर से की गई और मुकदमे को उपरोक्त मुकाम तक पहुंचाया।