अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। तीन मार्च 2012 में हुए सड़क हादसे में फरार चल रहे भगोड़े को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पकड़ा है। पुलिस ने भगोड़े को आगामी कार्रवाई के लिए सदर थाना के हवाले कर लिया है।
जानकारी के अनुसार 27 मार्च 2012 को संतोष कुमार पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी बंदला ने सदर थाना में मामला दर्ज करवाया था कि वह 26 मार्च को अपनी बड़ी बहन हेमा देवी के घर चिल्ला गया था। यहां पर उन्होंने पशुशाला को बनाने का कार्य लगाया हुआ था। संतोष ने बताया कि अगले दिन सुबह जब वह अपने जीजा संजय कुमार के साथ किसी कार्य को लेकर बाहर गए। यहां पर वह ट्रैक्टर में बैठ गए। कुछ आगे ले जाकर ट्रैक्टर चालक जोगेंद्र सिंह ने ट्रैक्टर की रफ्तार बढ़ा दी थी, जिससे ट्रैक्टर सड़क पर पलट गया जिससे संतोष कुमार, ट्रैक्टर चालक जोगिंद्र सिंह व संजय कुमार को काफी चोटें आ गई। तीनों को इलाज के लिए बिलासपुर अस्पताल लाया गया, जहां पर संजय कुमार की मृत्यु हो गई।
इस पर थाना सदर में विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मुकदमा जेएमआईसी बिलासपुर में चला। ट्रैक्टर चालक जोगेंद्र सिंह को अदालत में पेशी पर हाजिर होने के लिए समन आने लगे, लेकिन वह नहीं पहुंचा। इस पर अदालत ने 27 अक्तूबर 2016 को उसे भगोड़ा करार दे दिया और पीओ सेल बिलासपुर की टीम को पकड़ने की जिम्मेवारी सौंपी।
कोट गांव का रहने वाला जोगिंद्र सिंह पेशे से चालक है जो वाहन चलाता है। टीम को इसका कहीं कोई पता नहीं चल रहा था। टीम ने इसकी तलाश शुरू कर दी। टीम को सूचना मिली कि जोगेंद्र सिंह आजकल मंडी में गाड़ी चला रहा है। टीम चैलचौक पहुंची, जहां पर छतरी नामक स्थान पर उसे पकड़ लिया। टीम में इंचार्ज एचसी दौलत राम, आरक्षी राज कुमार, रवि गौतम थे। टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया व आगामी कार्रवाई के लिए सदर थाना के हवाले कर दिया। उसे अदालत में पेश किया जाएगा।