बिलासपुर।
इस महीने बिलासपुर शहर के साथ लगते बिनौला पंचायत के बिनौला गांव में हुए अवैध कटान मामले में वन विभाग ने राजस्व विभाग से घटना स्थल की निशानदेही करवाई है। लेकिन निशानदेही पर क्षेत्र के लोगों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि इस संबंध में वन मंत्री को पत्र लिख कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
गौरतलब है कि दो जनवरी को क्षेत्र में करीब 12 हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चली थी। इसके बाद इस पर वन विभाग ने कार्रवाई थी। जानकारी के अनुसार मौके पर से सफेदे, जामुन, कबल के पेड़ काटे गए थे। जिस पर वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंच कर लकड़ी को कब्जे में ले लिया था। जमीन की निशानदेही न होने के कारण आगामी कार्रवाई रुकी थी। लेकिन अब राजस्व और वन विभाग ने मौके पर निशानदेही कर ली है। इससे यह साफ हो जाएगा की जो पेड़ कटे थे वह किस भूमि से काटे गए हैं।
राजस्व विभाग की ओर से की गई निशानदेही पर क्षेत्र के ही कुछ लोगों ने सवाल सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि विभाग की टीम मात्र 10-15 मिनट में निशानदेही कर लौट गई। लोगों का कहना है कि इस मामले में निपक्ष जांच के लिए वे वन मंत्री को पत्र लिखेंगे। इससे मामले की पूरी जांच हो सके और दोषी पर कार्रवाई हो सके। गौर रहे कि पेड़ दो जनवरी को कटे थे। इसके बाद निशानदेही के लिए ही विभाग ने 15 दिन लगा दिए हैं।
इस संबंध में निसिथ मित्रा का कहना है कि निशानदेही का कार्य पूरा हो चुका है। इसकी रिपोर्ट वन विभाग को मिलनी बाकी है। उन्होंने साफ किया कि विभाग इस संबंध में कड़ी कार्रवाई करेगा।