बिलासपुर। चार माह पहले नंगल में हुई युवक की मौत मामले में बुधवार को परिजनों व ग्रामीणों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा और मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की। युवक के पिता का कहना है कि कुछ युवकों व युवतियों ने उनके बेटे को जहर देकर मारा है। उन्होंने कहा कि चार माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना पुलिस की जांच पर सवाल खड़े कर रहा है।
युवक के पिता रत्न सिंह का कहना है कि उनका बेटा विकास कुमार दस जुलाई को नंगल में रोजाना की तरह बिजली का काम सीखने गया था। नंगल पहुंचने के थोड़ी देर बाद वहां पर उनके गांव के ही दो लड़के आए और उसे अपने साथ ले गए। कुछ समय बाद वे उसे दुकान पर आकर छोड़ गए। जहां पर उसकी तबीयत खराब होने लग पड़ी। दुकानदार को उसने बताया कि उसने दो दोस्तों के साथ चाय के साथ समोसे खाए हैं, उसके बाद से ही तबीयत खराब हो रही है। इसके बाद विकास ने अपने ताया को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद वह ताया के घर पहुंच गया। लेकिन, वहां पर उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। ताया विकास को नंगल अस्पताल ले गया। लेकिन वहां पर उसकी मौत हो गई।
इसकी सूचना डॉक्टरों ने नयनादेवी पुलिस चौकी को दी। परिजनों का कहना है कि उनके बेटे के साथ जो लड़के थे वे उन्हीं के गांव के हैं और उनके साथ दो लड़कियां भी थीं। जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस को भी दे दी थी। लेकिन, आज तक कोई पूछताछ नहीं की गई है। उन्होंने उपायुक्त से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
इस मौके पर गंगा राम, चिंतराम, बख्शी राम, हंसराज, नरेंद्र पाल, रामलोक, रामपाल, रामकृष्ण, नंदलाल, दयाराम, कुलदीप शर्मा, रीना पुंडीर, सोहन सिंह ठाकुर, कृष्णलाल, जगदीश, सुरेंद्र कुमार उपस्थित रहे।