अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मल्यावर की भटोली निवासी कमला देवी पत्नी शिवराम के ऊपर किए गए हमले पर पुलिस की ओर से कोई भी कार्रवाई न करने पर पीड़िता के भाई रिटायर्ड सूबेदार मेजर ज्ञान चंद ठाकुर ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया है।
सूबेदार मेजर ज्ञान चंद ठाकुर ने बताया कि 24 अगस्त को उसकी बहन कमला देवी अपनी जमीन में सड़क के किनारे घास काटने गई थी तो अचानक वहां पर उसी के गांव की एक महिला व पुरुष ने उसकी बहन कमला देवी पर डंडे से हमला कर दिया। उनका आरोप है कि उन्होंने उनकी बहन को जान से मारने की कोशिश की। उसे डंडे के प्रहार से बहुत चोटें आ गईं तथा उसके बाएं हाथ की अंगुली भी टूट गई है। जब उनकी बहन चिल्लाई तो आसपास के लोग वहां पर एकत्रित हुए। इसके बाद उसे उन दोनों के हाथों से बचाया जा सका।
पुलिस थाना घुमारवीं को उसी समय फोन पर सूचित कर दिया और गांव के लोग उनकी बहन को जिला अस्पताल बिलासपुर लेकर आ गए। उन्होंने कहा कि पुलिस थाना घुमारवीं से शाम 5 बजे एएसआई प्यारे लाल व हैड कांस्टेबल जिला अस्पताल बिलासपुर पहुंचे। उन्होंने केवल हादसे की रिपोर्ट लिखी और चले गए। पुलिस कर्मचारियों से हमलावरों पर कार्रवाई के बारे में सवाल करने पर पुलिस ने कहा कि जब घायल को अस्पताल से छुट्टी हो जाएगी तब कुछ किया जाएगा। 25 अगस्त को एसपी बिलासपुर से पीड़िता को न्याय दिलवाने के लिए मिले। उन्होंने एसएचओ घुमारवीं को दोषी व्यक्ति के ऊपर कार्यवाई करने के आदेश दिए लेकिन, एसएचओ घुमारवीं दूसरे दिन शाम को भटोली गए। कहा कि दोनों को जमानत हो चुकी है, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। सेवानिवृत्त सूबेदार का आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत के कारण हमलावर आजाद घूम रहे हैं। सरकार व प्रशासन से मांग की है कि दोनों की जमानत को रद्द करके इन दोनों को गिरफ्तार किया जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि एसपी बिलासपुर व डीएसपी घुमारवीं का घेराव किया जाएगा। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर के बाहर धरना दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अनशन पर भी किया जाएगा।