भराड़ी (बिलासपुर)। बिलासपुर जिले के घुमारवीं बाजार में स्थित एक निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर हुई पुलिस की छापामारी से यह तो साफ हो गया कि घुमारवीं में भ्रूण लिंग जांच का धंधा चल रहा है। मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में इस गोरखधंधे को अंजाम दिया जा रहा है। यह कोई पहला मामला नहीं है जब घुमारवीं क्षेत्र में ऐसा मामला सामने आया हो। पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। लेकिन छानबीन के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
कुछ महीनों पहले भी घुमारवीं बाजार के बीचों-बीच कूड़े के ढेर में एक भ्रूण मिला था। उस समय भी यह साफ हो गया था कि घुमारवीं क्षेत्र में चल रहे कुछ अल्ट्रासाउंड केंद्रों में लिंग जांच का गोरखधंधा चला हुआ है। पुलिस ने उस समय कार्रवाई करने और अपराधियों को सलाखों के पीछे करने की बात कही थी। लेकिन, पुलिस आज दिन तक भ्रूण किसका था यह पता नहीं लगा पाई।
सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि घुमारवीं क्षेत्र में चल रहे कुछ अल्ट्रासाउंड केंद्रों में दूसरे जिलों के अलावा बाहरी राज्यों से भी लोग यहां लिंग जांच करवाने पहुंचते हैं। शनिवार देर रात हुई पुलिस की करवाई में एक निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र में मौजूद डॉक्टर रंगे हाथों दबोचा गया।
रात के अंधेरे में किए जा रहे इस अपराध को रोकने के लिए अगर पहले से कड़े कदम उठाने चाहिए थे। लेकिन घुमारवीं थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर हमीरपुर पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई से घुमारवीं पुलिस पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। ऐसी क्या नौबत आ गई कि महिला को हमीरपुर जाकर इसकी शिकायत करनी पड़ी। घुमारवीं थाना व डीएसपी घुमारवीं को इसकी शिकायत महिला ने क्यों नहीं दी। ऐसे कई सवाल हैं जो घुमारवीं पुलिस की कार्यप्रणाली को सीधे तौर पर सवालों के घेरे में खड़ा कर देते हैं। दूसरे जिले की पुलिस ने मामले को उजागर तो कर दिया, लेकिन क्या घुमारवीं में मौजूद पुलिस इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं रखती थी। हमीरपुर पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई से स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आखिर क्यों स्थानीय पुलिस इस बात से अनभिज्ञ थी।