अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। होली के दिन दयोथ में हुए खूनी संघर्ष में घायल हुए लोगों के परिजनों ने इस मामले में न्याय को लेकर हो रही देरी तथा पुलिस द्वारा लगाए गई मामूली धाराओं को लेकर एसपी से मिलकर शिकायत की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की मांग भी उठाई। वहीं प्रेस को जारी बयान में सोनिका और शकुंतला देवी ने बताया कि 21 मार्च को गांव बौह के कुछ लोग दो गाड़ियों में सवार होकर दयोथ, निचले चौक पर पहुंचे और वहां पर खड़े राकेश कुमार पर जानलेवा हमला कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त लोगों ने राकेश कुमार को अपनी गाड़ी में जबरन बैठाकर अपहरण किया तथा उपर दयोथ चौक पर सब्जी की दुकान करने वाले यशपाल पर भी दुकान में घुस कर हमला कर बुरी तरह से लहूलुहान कर दिया।
उन्होंने बताया कि यशपाल की बाजू टूट गई है जबकि सिर पर भी गंभीर चोटें आई हैं। महिलाओं ने बताया कि इस दौरान उन्होंने राकेश कुमार की टांग तोड़ी तथा जयनगर मार्ग पर फेंक दिया। यशपाल आईजीएमसी शिमला में तथा राकेश कुमार पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन है तथा इनकी हालत नाजुक बनी हुई है। इन महिलाओं का कहना है कि पुलिस द्वारा इस जानलेवा हमले में जो धाराएं लगाई गईं हैं उससे आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने एसपी बिलासपुर से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्षता से जांच की जाए ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके। इस प्रतिनिधिमंडल में शकुंतला, सोनिका, धर्म सिंह और कृष्णलाल शामिल थे।
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