अमर उजाला ब्यूरो
स्वारघाट (बिलासपुर)। स्वारघाट क्षेत्र में उस समय अफरातफरी का माहौल हो गया जब एसडीएम श्रीनयना देवी जी की अध्यक्षता में गठित टीम ने स्वारघाट कस्बे के मेडिकल स्टोरों में छापेमारी की। हालांकि इस दौरान टीम को कहीं से भी कोई भी नशीली व प्रतिबंधित दवाई नहीं मिली लेकिन प्रशासन की इस कार्रवाई व छापेमारी से मेडिकल स्टोर मालिकों में हड़कंप मच गया। दुकानदारों ने एक-दूसरे को टीम पहुंचने से पहले ही इस सूचना से अवगत करवा दिया।
गौरतलब है कि उपमंडल प्रशासन को ऐसी गुप्त सूचना हाथ लगी थी कि स्वारघाट और श्रीनयना देवी क्षेत्र के अधिकतर मेडिकल स्टोर पर नशीली व प्रतिबंधित दवाइयों का कारोबार चोरी छिपे चल रहा है। इस कारण हमारी युवा पीढ़ी नशे के दलदल में दिनों दिन फंसती जा रही है। उक्त नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में उपमंडल प्रशासन की छापेमारी की कार्रवाई देखी जा रही है।
छापेमारी की टीम की अगुवाई स्वारघाट के तहसीलदार दुर्गा दास यादव, मेडिकल ऑफिसर डॉ. विवेक शर्मा व थाना स्वारघाट के एसएचओ राजेंद्र कुमार व पुलिस की टीम के साथ कस्बे के सभी मेडिकल स्टोरों पर जाकर छापेमारी की गई ताकि कोई भी नशीली व प्रतिबंधित दवाई की बिक्री पर अंकुश लगाया जा सके।
एसडीएम स्वारघाट अनिल चौहान ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा है कि सरकार द्वारा नशे के खिलाफ छेड़े गए अभियान के अंतर्गत उक्त छापेमारी की कार्रवाई की गई है ताकि नशे के कारोबार करने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।