अमर उजाला ब्यूरो
बरमाणा (बिलासपुर)।
बरमाणा क्षेत्र में तिलराज शर्मा की आत्महत्या मामले में अभी तक पुलिस सुसाइड नोट में बताए गए आरोपियों की तलाश नहीं कर पाई है। इससे अभी तक तिलकराज की मौत गुत्थी अनसुलझी ही है। वहीं परिजनों ने आरोप लगाया है कि तिलकराज ने आत्महत्या नहीं बल्कि उनकी हत्या की गई है। ऐसे में मामला और पेचिदा हो गया है। पांच जुलाई को घर से लापता हुए तिलक राज शर्मा (52) का शव घर से 2 किलोमीटर दूरी पर संदिग्ध हालत में पेड़ से लटका मिला था। मृतक के पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला था। इसमें लिखा था कि उसकी मौत के जिम्मेवार कमेटी के सदस्य हैं। सदस्यों की किस्तें जमा न करवाने पर उन्हें लोन लेना पड़ा था। इस वजह से वह आर्थिक रूप से कंगाल हो गए था। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट में किसी कमेटी का जिक्र किया गया है। मगर वो कमेटी कहां गठित की गई है और उसके सदस्य कौन हैं इसका कोई भी जिक्र नोट में नहीं किया गया है। सुसाइड नोट में पैसों के लेन देन के लिए जिन चार लोगों का नाम लिखा है। उनका भी पूरा पता नहीं है। पुलिस कमेटी का रिकार्ड तलाश रही है ताकी आत्महत्या के सही कारणों का पता लगाया जा सके। बरमाणा थाना प्रभारी केसर सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी तक सुसाइड नोट पर लिखे चार लोगों के नामों का पता नहीं चल पाया है।