आला अफसरों तक पहुंच सकती है जांच की आंच
खैर कटान मामला : विजिलेंस ने रिकॉर्ड लिया कब्जे में, वन विभाग में हड़कंप
हाई प्रोफाइल मामले में कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं
रितेश गुलेरिया
बिलासपुर।
श्री नयना देवी रेंज में हुए अवैध खैर कटान के मामले में विजिलेंस ने वन विभाग के रिकॉर्ड को कब्जे में ले लिया है। विजिलेंस की इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि मामले में जांच की आंच अब बड़े अधिकारियों पर पहुंचना तय है। हालांकि छोटे कर्मचारियों और अधिकारियों पर पहले ही विजिलेंस शिकंजा कस चुकी है।
उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने श्री नयना देवी रेंज में खैर के 25 हजार पेड़ कटान के मामले का खुलासा किया था। इसके बाद 26 फरवरी को विजिलेंस से इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद सोमवार को फिर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस की टीम ने वन विभाग के कार्यालय से पूरा रिकार्ड कब्जे में लिया है। इधर, मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण विजिलेंस का कोई भी अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। इधर, वन विभाग के अरण्यपाल अजीत ठाकुर का कहना है कि वह अभी बाहर हैं। अभी इस मामले में कुछ नहीं कह सकते।
स्वाहण से शुरू हुआ था कटान का सिलसिला
वन विभाग से सूत्रों की मानें तो स्वारघाट के स्वाहण ने अवैध खैर कटान का सिलसिला शुरू हुआ था। यहां वन विभाग ने 2013-14, 2014-15 और 16 में निजी भूमि से खैर कटान को मंजूरी दी थी। पहले निजी भूमि से पेड़ कटान की मंजूरी दी। इसके बाद बकाया पेड़ों को काटने की मंजूरी दी है। लेकिन उससे बाद वन विभाग ने सूखे पेड़ों को काटने की मंजूरी दी। बड़ा सवाल है कि जब कटान पहले हो चुका था तो सूखे पेड़ बाद में कहां से आए।