घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल की बाड़ी मझेड़वां पंचायत के अंतर्गत करंगोड़ा गांव में पिछले सात दिनों से चल रही श्रीमद्भागवत कथा का शुक्रवार को समापन हो गया। इन सात दिनों में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कथावाचक आचार्य संदीपन वशिष्ठ से श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन सुना।उन्होंने इस कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न प्रसंगों का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए वर्तमान समय में समाज में व्याप्त अत्याचार, अनाचार, कटुता, व्यभिचार को दूर कर सुंदर समाज का निर्माण करने के लिए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण के सर्वोपरि लीला श्रीरास लीला, कालिया मर्दन, मथुरा गमन, कंस वध, कुब्जा उद्धार, रुक्मिणी विवाह, शिशुपाल वध एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्ति रस में डुबोकर रखा। प्रवचन इतना प्रभावी था कि प्रतिदिन सैकड़ों लोग कथा श्रवण के लिए आते रहे। उन्होंने कहा कि जो काम प्रेम के माध्यम से संभव है, वह किसी भी प्रकार की हिंसा से संभव नहीं हो सकता है। इस दौरान आयोजकों द्वारा कथा के समापन पर एक विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। इसमें सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों के साथ अन्य श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।