बिलासपुर। शिकायत कक्ष मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से उपायुक्त बिलासपुर ने भू अर्जन अधिकारी बिलासपुर से 15 दिन के भीतर सरकारी भूमि पर बने स्ट्रक्चर के मुआवजे की रिपोर्ट मांगी है। यह मुआवजा किरतपुर-नेरचौक फोरलेन के लिए अधिग्रहित किए गए भवनों और अन्य निर्माण के लिए आवंटित किया गया था।
जारी आदेश में उपायुक्त ने लिखा कि फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के आवेदन पत्र की नियमानुसार छानबीन करने के उपरांत आगामी आवश्यक कार्रवाई को पूरा कर भू अर्जन कार्यालय उपायुक्त को अवगत कराना सुनिश्चित करे। बताते चलें कि किरतपुर-नेरचौक सड़क निर्माण में हुए भूमि अधिग्रहण में भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई ने उन मकान मालिकों को मुआवजा आवंटन कर दिया जो दूर-दूर तक इसके पात्र ही नहीं थे। बड़ी बात यह है कि यह भवन सरकारी भूमि पर बने थे। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने एनएचएआई को इसकी शिकायत दर्ज करवाई थी।
एनएचएआई ने भू अर्जन अधिकारी बिलासपुर को 2018 में उपरोक्त मुआवजा आवंटन की रिकवरी करने के आदेश जारी कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा था लेकिन वह आदेश अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं। वहीं, अब फिर से समिति द्वारा शिकायत करने के बाद इस पर यह कार्रवाई हुई है। समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि समिति ने मुख्यमंत्री के शिकायत कक्ष में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिस पर अब यह कार्रवाई हुई है। समिति ने आग्रह किया कि सरकारी भूमि पर बने मकानों की तुरंत प्रभाव से रिकवरी करना और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करना जनहित में है ताकि भविष्य में ऐसे अधिकारी इस तरह की गैरकानूनी कार्रवाई करने का दुस्साहस न करें।