बिलासपुर में बारिश से बचती हुई जाती युवतियां । संवाद
- बारिश होने से किसानों के चेहरे भी खिले, गेहूं के संजीवनी बनी बारिश
- पेयजल योजनाओं के लिए भी अभी अच्छी बारिश की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में सोमवार को तीन माह बाद बादल बरसे हैं। बारिश होने से पड़ रही सूखी ठंड से जहां लोगों को राहत मिली है। वहीं बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे। गेहूं की फसल के लिए यह बारिश संजीवनी मानी जा रही है। हालांकि अभी और अच्छी बारिश की जरूरत है। जिले में अधिकतर क्षेत्रों में गेहूं की बिजाई हो चुकी है। बारिश नहीं होने से गेहूं की फसल पर खतरा बना हुआ था। वहीं बदलाधार सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस बारिश के बाद बिजाई की जाएगी। बारिश न होने प्रभावित होने की कगार पर पहुंच चुकी पेयजल योजनाएं भी रिचार्ज हो जाएंगी। उनके लिए भी और बारिश होना जरूरी है। सोमवार को सुबह से ही आसमान पर बादलों ने डेरा डाल लिया। सुबह के समय ठंडी तेज हवाएं चलीं, जिसने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। बिलासपुर शहर में दोपहर 12:00 बजे बूंदाबांदी शुरू हुई। यह बूंदाबांदी करीब डेढ़ घंटे तक चली। इसके अलावा घुमारवीं, भगेड़, झंडूता, भराड़ी, जुखाला क्षेत्रों में भी बारिश हुई। बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं की प्रभारी सीमा शाह के अनुसार 24, 25, 27 और 28 दिसंबर को आसमान में 100 प्रतिशत बादल छाए रहेंगे और बारिश होने की पूरी संभावना है। दिन और रात का तापमान असंतुलित बना हुआ है। दिन को अधिकतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि रात को न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है।