सिविल कोर्ट झंडूता का शुभारंभ करते उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश। -संवाद
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झंडूता (बिलासपुर)। झंडूता में शुक्रवार को सिविल कोर्ट खुल गया। उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ ने नये न्यायालय परिसर का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं का धेय धन अर्जित करने के स्थान पर लोगों को न्याय दिलाना होना चाहिए ताकि लोगों को प्राथमिकता से न्याय प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में न्यायालय स्थापित करना एक महत्वपूर्ण कदम है। बार एसोसिएशन के प्रयासों से ही यह संभव हुआ है। उन्होंने आशा व्यक्त कि यह कोर्ट लोगों को न्याय प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने न्यायालय परिसर में आंवले का पौधा रोपा। उन्होंने जेएमआईसी झंडूता जितेंद्र कुमार को नये कोर्ट में कार्यवाही आरंभ करने के आदेश दिए। इस दौरान दो मामलों की सुनवाई भी की गई। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विवेक ठाकुर ने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे हमेशा कोर्ट केस और क्लाइंट के प्रति वफादार एवं ईमानदार रहें। कभी न्यायिक प्रक्रिया में बाधा न बने बल्कि सहयोग करें, तभी न्यायिक प्रक्रिया में लोगों का विश्वास कायम रहेगा।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सीबी बरोवालिया ने भी न्याय प्रणाली को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए अधिवक्ताओं को प्रेरित किया। विधायक जेआर कटवाल ने कहा कि कोटधार क्षेत्र के लोगों के लिए शीघ्र न्याय प्राप्त करने के लिए नवनिर्मित कोर्ट मील का पत्थर साबित होगा। इससे लोगों के धन और समय की बचत होगी। भाखड़ा विस्थापितों के लिए न्यायिक सुविधा घरद्वार प्राप्त होगी। सिविल जज झंडूता के रीडर मनोज चंदेल ने बताया कि कोर्ट में तीन हजार केस सुनवाई के लिए पहुंच चुके हैं।
जिला सत्र न्यायाधीश आरके चौधरी ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए बिलासपुर जिला की न्याय प्रणाली पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर रजिस्ट्रार जनरल हाईकोर्ट वीरेंद्र सिंह, जिला उपभोक्ता फेडरेशन ऊना के प्रिसिडिंग ऑफिसर भुवनेश अवस्थी, उपायुक्त पंकज राय, पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीआर शर्मा, उपमंडल बार एसोसिएशन झंडूता के अध्यक्ष विजय कौंडल, पंचायत समिति झंडूता के अध्यक्ष अभिषेक चंदेल सहित बार एसोसिएशन के अधिवक्ता उपस्थित रहे।