ग्राम पंचायत चैहड़ में सड़क से नीचे फेंका कूड़ा और मुंह ढककर जाते बच्चे। संवाद
रात के अंधेरे में ग्रामीण इलाकों में खुले में फेंका जा रहा कचरा, दुर्गंध से ग्रामीण परेशान
जलस्त्रोत दूषित होने का खतरा,पंचायत प्रधान बोले कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। शहर में कूड़ा उठाने की व्यवस्था प्रभावित होने का असर अब आसपास के गांवों में भी दिखाई देने लगा है। घरेलू कचरा रात के अंधेरे में ग्रामीण क्षेत्रों के सुनसान स्थानों पर फेंका जा रहा है। ग्राम पंचायत चैहड़ क्षेत्र में पुल के समीप पानी के किनारे कूड़े के ढेर लगने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पुल के आसपास बड़ा रिहायशी क्षेत्र है। कूड़े से उठ रही दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। स्कूली बच्चे भी इस रास्ते से गुजरते समय नाक-मुंह ढकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग रात में अंधेरे का फायदा उठाकर घरों से कूड़ा लाकर यहां फेंक रहे हैं। पुल के नीचे पानी के किनारे कचरा जमा होने से जलस्रोत दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। बरसात में कचरा पानी के साथ बहकर आगे तक पहुंच सकता है। वहीं, सड़े-गले कचरे के कारण लावारिस पशुओं के जमावड़े से संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पंचायत से पुल के पास जमा कचरा तुरंत हटाने और रात में कूड़ा फेंकने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि शहर में कूड़ा उठाने की व्यवस्था जल्द बहाल नहीं हुई तो समस्या आसपास के अन्य गांवों तक भी फैल सकती है। लुहारवीं पंचायत के प्रधान यशपाल धीमान ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर गांव के वातावरण को खराब कर रहे हैं। गांव में किसी भी प्रकार की गंदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कूड़ा फेंकने वालों का पता लगाकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।