बिलासपुर। सीमेंट प्लांट बंद करने के विरोध में चले आंदोलन में बीडीटीएस के दोनों गुट पहली बार एक साथ आए । शुक्रवार को बिलासपुर मुख्यालय में आयोजित धरने प्रदर्शन में दोनों गुटों के सदस्यों ने भाग लिया।
द जिला बिलासपुर ट्रक ऑपरेटर सभा बरमाणा पर कब्जे को जीतराम गुट और दूसरे धड़े में लगातार संघर्ष चला था। मामला हाईकोर्ट तक जा पहुंचा। करीब एक सप्ताह पहले हाईकोर्ट के आदेश पर यह लड़ाई खत्म हुई थी। जीतराम को हटाकर राकेश ठाकुर 13 सदस्यों के समर्थन से बीडीटीएस के प्रधान बने। बरमाणा में चल रहे आंदोलन से जीतराम गौतम गुट ने लगातार दूरी बनाई हुई थी। आंदोलन के शुरुआत में जीतराम गुट ने मुख्यालय में अलग रैली भी निकाली थी, लेकिन सीमेंट प्लांट के बंद होने के 15वें दिन मुख्यालय में आयोजित धरने-प्रदर्शन में दोनों गुट शामिल हुए। इसका नजीता शुक्रवार को हुई रैली में देखने को मिला। रैली में करीब 2500 ट्रक ऑपरेटर पहुंचे। उपायुक्त कार्यालय में दोनों गुटों के सदस्यों ने मंच भी साझा किया। इस दौरान पूर्व प्रधान जीतराम और वर्तमान प्रधान राकेश ठाकुर और अध्यक्ष लेखराम वर्मा ने एक साथ ट्रक ऑपरेटरों को संबोधित किया। बता दें कि इस साल मार्च में बीडीटीएस के चुनाव हुए थे। 21 सदस्य की बीडीटीएस में जीतराम गौतम बहुमत के साथ प्रधान बने थे, लेकिन नवंबर माह में बीडीटीएस के पांच सदस्यों ने पाला बदल लिया था। इसके बाद से जीतराम गौतम को प्रधान पद से हटाने की लड़ाई शुरू हो गई थी, लेकिन दोनों गुटों के एक साथ आने पर ट्रक ऑपरेटरों ने राहत की सांस ली है।