बिलासपुर। जिला बिलासपुर के रौड़ा सेक्टर स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर परिसर में हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति, ओबीसी और अल्पसंख्यक संयुक्त संघर्ष मोर्चा की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान सेवानिवृत डीएसपी सीता राम कौंडल ने की।
बैठक में फोरलेन निर्माण में हो रही बेतरतीब ब्लास्टिंग और कटिंग से क्षतिग्रस्त हुए सरवण कुमार बैहना जट्टां, सुंदरराम और बाबू राम मंडी भराड़ी के मकानों का मुद्दा अहम रहा। इस ब्लास्टिंग के कारण इन दो परिवारों के मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने इन मकानों को असुरक्षित घोषित कर दिया है। इनमें एक भाई का परिवार पटवारखाने में रह रहा है जबकि दूसरे भाई का परिवार किसी और के घर में आश्रित हैं। इस संदर्भ में परिवार की मुखिया वृद्ध महिला भी चल बसी है, जिसका सारा धर्म कर्म सड़क पर ही किया गया जबकि दूसरे भाई की बेटी की शादी करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
मोर्चा के जिला महामंत्री नंद लाल आचार्य ने कहा कि इस घटना को 10 महीने का समय बीत चुका है और प्रशासन की ओर से इन परिवारों के बसाव के लिए कोई सहायता नहीं की है जो कि प्रशासन की इस समाज के प्रति भेदभाव को दर्शाता है। यदि यही घटना किसी और के साथ हुई होती तो कब का न्याय मिल चुका होता। इस बारे में महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू को भी अवगत करवाया लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।
बैहना जट्टां में सरवण कुमार के मकान को भी इसी फोरलेन के कारण खतरा पैदा हो गया है। भारी भरकम मशीनरी की कंप्पन से मकान में दरारें आ गई है। पशुशाला जुलाई 2022 में टूट गई, मकान के साथ लगती जमीन भी निरंतर ढह रही है, जिस कारण मकान को भी और खतरा हो गया है। सरवण कुमार ने बताया कि उनका पुश्तैनी रास्ता जमीन की स्लाइडिंग के साथ तबाह हो गया।
प्रशासन और विभाग के पास दर्जनों बार पत्राचार किया गया किंतु किसी प्रकार की ठोस कार्यवाही नहीं की गई। नंद लाल आचार्य ने कहा कि इसी आशय को लेकर शुक्रवार को उपायुक्त की अनुपस्थिति में एडीएम के माध्यम से महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया और न्याय की गुहार लगाई। बैठक में दलीप धुलिया, विपन बंसल, कर्म सिंह, डीआर भाटिया, बर्फी देवी, सूबेदार रमेश, ओम प्रकाश, दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद