विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर शिवा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में मौजूद बच्चे
विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर शिवा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार मेें बोले विशेषज्ञ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर शिवा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में मंगलवार को इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। ग्लोबल ट्रेंड्स इन हेपेटाइटिस : प्रिवेंशन, डायग्नोसिस, ट्रीटमेंट एंड एलिमिनेशन स्ट्रेटेजीज विषय पर आयोजित इस सेमिनार में देश और विदेश के विशेषज्ञों ने हेपेटाइटिस की रोकथाम, समय पर जांच, उपचार और उन्मूलन की रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान की प्राचार्या डॉ. ईशा रानी ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत कर किया। मुख्य वक्ता के रूप में अबू धाबी स्थित बुर्जील मेडिकल सिटी अस्पताल की वरिष्ठ स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. सोनाली मलिक ने हेपेटाइटिस के विभिन्न प्रकार, संक्रमण के कारण, समय पर स्क्रीनिंग, टीकाकरण और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय रहते जांच और उचित उपचार से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। दूसरी मुख्य वक्ता एमडी (कायचिकित्सा) डॉ. मेहक चौधरी ने आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से लिवर स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, योग और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि स्वस्थ आदतों से कई यकृत रोगों से बचाव संभव है। उन्होंने आयुर्वेद की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और लिवर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका भी बताई।