संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। पढ़ाई के साथ-साथ चिट्टे के खिलाफ लड़ाई में अपना सहयोग व समर्थन देकर समाज को नशा मुक्ति बनाने में भागीदार बनें। यह बात एपीसी अकादमी घुमारवीं में छात्र-छात्राओं से घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा के अंतर्गत जागरूकता अभियान में कही। महेंद्र धर्माणी ने छात्र-छात्राओं, अध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज चिट्टे का नशा हमारे घर-गांव तक पहुंच गया है और हम सभी का नुकसान कर रहा है। इसके विरुद्ध हमें सतर्क और सावधान होने की आवश्यकता है। महेंद्र धर्माणी ने कहा कि प्रशासन व पुलिस के साथ-साथ छात्रों और युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवा किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ दोस्ती न बनाएं और अपने आसपास घूमने वाले अनजान लोगों की जानकारी पुलिस, गांव के बुजुर्गों और अध्यापकों को देकर अपनी सामाजिक जिम्मेवारी को निभाने का काम करें। आज कुछ लोग आर्थिक लाभ के लिए चिट्टा बेचने का काम हमारे आसपास कर रहे हैं। उनसे सतर्क रहकर उसकी जानकारी प्रशासन तक पहुंचने की आवश्यकता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आग्रह किया कि पढ़ाई करते समय किसी भी प्रकार के दबाव में आकर नशे का प्रयोग न करें। माता-पिता और अपने अध्यापकों के साथ अपनी समस्याओं और रुचि को साझा करके अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास करें। महेंद्र धर्माणी ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अपने-अपने गांव में इस सामाजिक बुराई के खिलाफ जागरूकता पैदा करने में संस्कार सोसायटी का सहयोग करें। नशा या चिट्टा के खिलाफ सख्त कानून बनाने के लिए पुलिस व प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए जागरुकता अभियान में भागीदार बने।