शादी सीजन में भी ग्राहकों का इंतजार कर रहे ज्वेलरी कारोबारी
बाजार में मंदी से छोटे सुनारों और कारीगरों की बढ़ी चिंता
कारोबारियों का दावा, भविष्य में और तेजी से बढ़ सकते हैं सोने के दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। देश में इन दिनों शादी-विवाह का सीजन पूरे जोर पर है, लेकिन इसके बावजूद सर्राफा बाजार में उम्मीद के मुताबिक रौनक दिखाई नहीं दे रही। आम दिनों में जहां इस समय ज्वेलरी दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी, वहीं इस बार बाजार में सुस्ती का माहौल बना हुआ है। स्थानीय सुनारों और ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि एक वर्ष तक सोना न खरीदने की पीएम की अपील के बाद लोगों ने सोने की खरीदारी को टालना शुरू कर दिया है, जिसका सीधा असर बाजार पर देखने को मिल रहा है। घुमारवीं और भराड़ी बाजार के ज्वेलरी कारोबारी संजय सोनी, अमित वर्मा और अमी चंद सोनी ने बताया कि बीते कुछ सप्ताह से ग्राहकों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पहले जहां शादी सीजन में लोग गहनों की बुकिंग पहले से करवा लेते थे, वहीं अब अधिकांश ग्राहक केवल कीमतों की जानकारी लेकर वापस लौट रहे हैं। कई लोग यह सोचकर खरीदारी टाल रहे हैं कि आने वाले समय में बाजार में स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही सोना खरीदेंगे। कारोबारियों ने कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों के बावजूद भारतीय परिवारों में सोने का महत्व कम नहीं हुआ है। सोना आज भी लोगों के लिए सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। उनका कहना है कि यदि लोग एक साल तक सोने की खरीदारी बंद कर देंगे तो भविष्य में इसकी कीमतों में और अधिक उछाल आ सकता है। व्यापारियों का अनुमान है कि आने वाले समय में सोने के दाम ढाई लाख रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच सकते हैं। सुनारों का कहना है कि आज खरीदा गया सोना भविष्य में परिवार के लिए आर्थिक सुरक्षा का सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग जरूरत पड़ने पर बैंक से पहले घर में रखे सोने पर भरोसा करते हैं। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में सोने को केवल आभूषण नहीं बल्कि बचत और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने बताया कि बाजार में आई इस मंदी का सबसे ज्यादा असर छोटे सुनारों, कारीगरों और दिहाड़ी पर काम करने वाले स्वर्ण शिल्पियों पर पड़ रहा है। काम कम होने के कारण कई कारीगरों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है। पहले जहां दिनभर में कई ऑर्डर मिल जाते थे, वहीं अब दुकानों में लंबे समय तक सन्नाटा पसरा रहता है। स्थानीय कारोबारियों ने सरकार से अपील की है कि छोटे व्यापारियों और कारीगरों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसा माहौल बनाया जाए जिससे बाजार में फिर से विश्वास और खरीदारी बढ़ सके। उनका कहना है कि सर्राफा बाजार से हजारों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है और लंबे समय तक जारी रहने वाली मंदी छोटे कारोबारियों के लिए गंभीर समस्या बन सकती है।
सोना व्यापारी वाली खबर
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