बिलासपुर। दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में चल रहे महापर्व पर्यूषण के मौके पर सभी श्रद्धालुु दूसरे दिन शनिवार को नगर के मोहल्ला साहूकारा स्थित दिगंबर जैन मंदिर में सुबह एकत्र हुए। दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म की आराधना की गई। सांगानेर गुरूकुल जयपुर से आए पंडित अंकित जैन शास्त्री ने मंत्रोच्चार द्वारा विधिवत पूजन संपन्न कराया। भगवान पार्श्वनाथ और भगवान महावीर की प्रतिमाओं का जलाभिषेक चारों दिशाओं से इंद्रों सुभाष जैन, अक्षत जैन, संभव जैन, राजीव जैन ने किया। विश्व शांति के लिए शांति धारा राजीव जैन ने की। शिखा अजय जैन ने मंगल आरती की। भक्ति नृत्य करते हुए पूनम जैन, पूजा जैन, प्रज्ञा जैन, राशि जैन ने भक्ति की। इसके बाद तत्वार्थ सूत्र वाचन हुआ। सायंकालीन मंगल आरती के बाद दिव्या जैन और विनीता जैन ने भजन सुनाए एवं आकर्ष जैन, नियम जैन, महक जैन ने मुनि तरुण सागर महाराज के कड़वे प्रवचनों के अंश प्रस्तुत किए। कपिल जैन ने कितने ढोक प्रतियोगिता कराई, जिसमें अंशिका जैन प्रथम रहीं। प्रवचन पर आधारित प्रश्नोत्तरी में श्रद्धालुओं ने उत्तर दिए। प्रवचनकर्ता ने कहा कि धन, पद, शान, शौकत जीव को अहंकारी व अभिमानी बना देता है। यह सभी चीजें नाशवान हैं और जीव को छोड़ देंगी। इसलिए स्वयं ही अहंकार को त्यागकर विनम्र हो जाएं, सभी से मैत्री भाव रखें और हर जीव को जीने का अधिकार है। मन को पवित्र करना ही उत्तम मार्दव धर्म है। पा