कोलबांध परियोजना के टैंक का निरीक्षण करते हुए।
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बिलासपुर।
जिले की तीन विधानसभा क्षेत्रों के करीब एक लाख लोगों की पानी की परेशानी इसी महीने दूर हो जाएगी। इसी महीने के अंत तक 66 करोड़ से बनी कोलबांध पेयजल परियोजना का शुभारंभ हो जाएगा। इसके लिए पहली फेस की टेस्टिंग सफल हो गई है, जबकि दूसरे फेस में भी पानी का भराव शुरू कर दिया गया है। परियोजना का शुभारंभ इसी महीने के अंत कर दिया जाएगा। सदर के विधायक सुभाष ठाकुर ने बिलासपुर में पत्रकार वार्ता में बताया कि योजना के शुभारंभ के लिए सीएम जयराम ठाकुर और केंद्रीय मंत्री जयराम ठाकुर से समय लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल इस योजना के लिए न कांग्रेस सकार और न ही विधायक ने कोई गंभीरता दिखाई लेकिन भाजपा ने सत्ता में आते ही पांच महीने में योजना के कार्य को पूरा किया और अब इसी महीने योजना का शुभारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से 180 गांवों के एक लाख लोगों को पानी मिलेगा। कहा कि यह योजना 41 विभिन्न योजनाओं के लिए फिडर का काम करेगी। इनमें सदर की 29, घुमारवीं की 7 और श्रीनयना देवी की पांच योजनाएं शामिल हैं। योजना के लिए 45 लाख लीटर का मुख्य टैंक बनाया गया है। इसके बाद बैरी में 22.5 लाख लीटर के दो टैंक, ब्रास में भी 22.5 लाख लीटर के दो टैंक, भयात्र में 19.34 लाख लीटर और चैहरी में करीब 13.33 लाख लीटर का टैंक बनाया गया है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी टैंक बनाए गए हैं। योजना के लिए एक साथ छह मोटरें काम करेंगी। उन्होंने कहा कि पहले चरण की टेस्टिंग का कार्य पूरा हो गया है। दूसरे चरण के लिए टैंकों में गुरुवार से पानी भराव शुरू कर दिया गया है। टेस्टिंग के साथ ही पहले चरण में आने वाले बैरी, सलणू, खगण और बगड़ गांव के लिए पानी की आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है, जहां लोगों को पानी मिलना शुरू हो गया है। योजना का पानी पूरी तरह से शुद्ध होगा। इसके लिए कोलडैम से उठाए गए पानी को शुद्ध करने के लिए फिल्टर सिस्टम तैयार किया गया है। पानी के फिल्टर होने के बाद ही लोगों को आगे पानी सप्लाई की जाएगी।