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Bilaspur News: गारमेंट्स की दुकान पर काम करता मिला 13 वर्ष का बच्चा

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घुमारवीं बाजार में दुकानों का निरीक्षण करते श्रम विभाग के अधिकारी। संवाद
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बिलासपुर/घुमारवीं। उपमंडल घुमारवीं के अंतर्गत घुमारवीं बाजार में बाल मजदूरी की शिकायत मिलने के बाद उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक के निर्देश पर घुमारवीं शहर और आसपास के क्षेत्रों में श्रम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की गठित टीम ने शहर की विभिन्न दुकानों में दबिश दी। इस दौरान दुकान मालिकों द्वारा दुकानों पर रखे गए लोगों का विवरण, हाजिरी रजिस्टर, वेतन रिकॉर्ड, शॉप लाइसेंस सहित अन्य आवश्यक रिकॉर्ड चेक किए गए।
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अमर उजाला ने 12 जून के अंक में घुमारवीं में करवाई जा रही बाल मजदूरी, प्रशासन और संस्थाएं खामोश शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद उपायुक्त ने इस पर गंभीरता से संज्ञान लिया। वहीं संबंधित विभागों को कार्रवाई के आदेश दिए। बुधवार को विभाग ने अचानक दबिश के दौरान एक रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान पर एक 13 वर्षीय बच्चे को काम करते पाया। दुकानदार से बच्चे से संबंधित रिकॉर्ड मांगने पर, दुकानदार कोई भी रिकॉर्ड विभाग को नहीं दिखा पाया। विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच करने पर पाया गया कि दुकानदार इस बच्चे से सेल्समैन का कार्य करवा रहा था। इस पर विभाग ने दुकानदार पर कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान दुकानदार से बच्चे का सभी रिकॉर्ड दो दिन के भीतर विभाग के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए गए।
इस दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा चाइल्ड हेल्पलाइन के अधिकारियों द्वारा बच्चे की काउंसलिंग की गई। इसमें पाया गया कि बच्चे को काम करने के बदले में रहने की जगह तथा दो वक्त का खाना दिया जा रहा था। शहर भर में की गई इस कार्रवाई के दौरान श्रम विभाग अधिकारियों ने कई दुकानों पर काम कर रहे लोगों का आवश्यक रिकॉर्ड नहीं पाया। साथ ही इन दुकानों पर न तो आवश्यक हाजिरी रजिस्टर मिला और न ही वेतन संबंधी कोई रिकॉर्ड। विभाग द्वारा सभी व्यापारियों को जल्द से जल्द अपने लाइसेंस बनवाने तथा अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के आदेश जारी किए गए। इस कार्रवाई के दौरान श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ चाइल्ड हेल्पलाइन के अधिकारी, घुमारवीं बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
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कोट्स
उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि गत दिनों घुमारवीं बाजार में बाल मजदूरी की शिकायत मिलने पर इस मामले में संज्ञान लेते हुए श्रम विभाग सहित संबंधित विभागों की एक टीम गठित कर, दबिश करने के निर्देश जारी किए गए थे और कार्रवाई की गई। बताया कि बाल मजदूरी के विरुद्ध शिकायत मिलने पर जिले के अन्य क्षेत्रों में भी दबिश देकर कार्रवाई की जाएगी। बताया कि अक्तूबर 2006 में, सरकार ने बाल श्रम (उन्मूलन और पुनर्वास) विधेयक, 2006 को बाल श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 में संशोधन के रूप में पारित किया। 2006 में, सरकार ने होटल, ढाबों, रेस्तरां, दुकानों, कारखानों, रिसॉर्ट, स्पा, चाय की दुकानों आदि जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू नौकर या श्रमिकों के रूप में बच्चों के रोजगार पर प्रतिबंध लगा दिया। चेतावनी दी कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों को काम पर रखने वाला कोई भी व्यक्ति अभियोजन और दंडात्मक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होगा।
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