कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में रविवार रात इलाज के लिए आए एक युवक की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने की कोशिश की। बाद में उन्होंने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में भिजवा दिया और सोमवार सुबह पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार, गांव सिमरवाल निवासी 30 वर्षीय दिनेश को रविवार सुबह करीब 11 बजे पेशाब न आने के चलते भर्ती करवाया गया था। रात को उसे उल्टी और दस्त लगे थे। परिजनों का आरोप है कि सुबह से रात तक कोई भी डॉक्टर उसके भाई को देखने के लिए नहीं आया। वार्ड में मौजूद नर्स से भी गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया। युवक के भाई न बताया कि जब वे उसे मेडिकल कॉलेज लाए थे तो उसे एक गोली और ग्लूकोज लगाकर चौथी मंजिल पर वार्ड में भेज दिया। इलाज न होने से उसकी हालत बिगड़ती चल गई और देर रात दिनेश की मौत हो गई। मृतक की बहन ने कहा कि दिनेश के दो छोटे छोटे बच्चे हैं। डॉक्टरों की लापरवाही से इन बच्चों के सर से बचपन में ही पिता का साया उठ गया। दिनेश ही घर में अकेला कमाने वाला था। उसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया।
नर्स पर लगाया डॉक्टर को न बुलाने का आरोप
मृतक की बहन ने आरोप लगाया कि जब दिनेश की हालत बिगड़ती जा रही थी तो उन्होंने नर्स से कहा कि उसे नली लगा दो, लेकिन उनकी किसी ने सुनाई नहीं की। बार बार नर्स यह बोलती रही कि डॉक्टर रात को 10 बजे आएगा, दो बजे आएगा। उसके बाद डॉक्टर ही उनका इलाज कर पाएंगे। बाद में नर्स ने कहा कि अगर यहां पर उसको इलाज नहीं मिल रहा तो आप किसी और अस्पताल में लेकर जाओ और वहां पर इलाज करवा लो।
यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो मामले की जांच कराई जाएगी। इसमें दोषी पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-जगदीश चंद्र दुरेजा, निदेशक, केसीजीएमसी, करनाल।