जगाधरी स्थित पंजाब नेशनल बैंक के रिटायर्ड कैशियर द्वारा को-ऑपरेटीव सोसाइटी बनाकर करोड़ों रुपए ठगने के ममाले में थाना छप्पर पुलिस शिकायत मिली है। इसमें नेवी से रिटायर्ड अफसर ने कैशियर पर सोसायटी में पैसे जमा कराने की एवज में 33 लाख रुपये का चूना लगाने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने आरोपी कैशियर के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दें आरोपी कैशियर और उसका साथी क्लर्क थाना शहर जगाधरी में आठ दिन के पुलिस रिमांड पर चल रहे हैं।
थाना छप्पर पुलिस को दी शिकायत में गांव बाल छप्पर निवासी हरदयाल सिंह ने बताया कि वह नेवी में लेफ्टीनेंट कर्नल के पद से रिटायर्ड हुआ है। रिटायर्ड होने के बाद वह पैसे इनवेस्टमेंट करने के लिए पीएनबी की जगाधरी शाखा में गया, जहां उसकी मुलाकात बैंक में कैशियर के पद पर तैनात मोहन लाल से हुई। मोहन लाल ने उसे कहा कि बैंक में पैसों का ब्याज कम लगता है, इसलिए वह पैसों को को-ऑपरेटिव सोसायटी में जमा करवा दे।
आरोपी ने उसे न्यू मार्केट कालोनी में को-ऑपरेटिव सोसायटी का कार्यालय होने की बात कही, जहां पर उसे पैसों का ब्याज अधिक व अन्य सुविधाएं मिलेंगी। वह आरोपी की बातों में आ गया और दस मार्च 2005 से 2014 तक सोसायटी में 33 लाख रुपए जमा करा दिए। इसके बाद जब उसे किसी काम के लिए पैसों की जरूरत पड़ी और वह पैसे निकलवाने के लिए न्यू मार्केट स्थित को-ऑपरेटिव सोसायटी कार्यालय गया, तो वह बंद मिला।
इसके बाद वह मोहन लाल से मिलने जगाधरी पीएनबी बैंक में गया, जहां उसे पता चला कि मोहन लाल कुछ दिन पहले बैंक से सेवानिवृत्त हो चुका है। इसके उपरांत उसने आरोपी की काफी तलाश की, लेकिन उसका कुछ भी पता नहीं चला। परेशान होकर उसने मामले की सूचना छप्पर पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद पीएनबी के रिटायर्ड कैशियर मोहन लाल के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोपी कैशियर मोहन लाल अंबाला का रहने वाला है। वह पिछले करीब 33 वर्षों तक यमुनानगर की विभिन्न शाखाओं में तैनात रहा। उसने 1998 में सोसाइटी रजिस्टर्ड करवाई। पहले उसने बैंक कर्मचारियों के साथ रकम का लेन-देन किया और बाद में बैंक में आने वाले ग्राहकों को अधिक ब्याज का लालच देकर उनकी भी रकम अपनी सोसाइटी में जमा करवाई।
निवेशकों की शिकायत पर पुलिस ने 24 अप्रैल को कैशियर सहित सात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। आरोपी कैशियर 30 अप्रैल को बैंक से सेवानिवृत्ति होने के बाद फरार हो गया था। थाना शहर जगाधरी पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद 22 मई को बैंक के कैशियर मोहनलाल और साथी क्लर्क कर्मचंद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से दोनों को आठ दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया था।