यमुनानगर। शादी के बाद भी आर्थिक सहायता पाने का मौका अब पात्र परिवारों के लिए आसान बना दिया गया है। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत विवाह के छह माह के भीतर पंजीकरण कराने पर सरकार की ओर से 41 हजार से 71 हजार रुपये तक की सहायता राशि दी जा रही है। वहीं, डीसी प्रीति ने लोगों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है।
डीसी ने बताया कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग देना और सामाजिक समानता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र परिवार योजना का लाभ नहीं ले पाते, जबकि शादी के बाद भी छह माह तक आवेदन का अवसर मिलता है। योजना के तहत अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति व टपरीवास जाति (वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक) की बेटियों के विवाह पर 71 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं पिछड़े व सामान्य वर्ग के पात्र परिवारों को 41 हजार रुपये का अनुदान मिलता है। विधवा, तलाकशुदा, निराश्रित और अनाथ वर्ग के लाभार्थियों को 51 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।
इसके अलावा दिव्यांगजनों के विवाह को भी योजना में शामिल किया गया है। यदि दोनों वर-वधू दिव्यांग हैं तो 51 हजार रुपये, जबकि एक के दिव्यांग होने पर 41 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। खिलाड़ी महिलाओं को भी इस योजना के तहत 41 हजार रुपये का लाभ दिया जाता है। डीसी ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। आवेदक shaadi.haryana.gov.in पोर्टल पर जाकर विवाह पंजीकरण और योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी परिवार जानकारी के अभाव में वंचित न रहे। संवाद