पब्लिक हेल्थ विभाग की लापरवाही शहर वासियों को महंगी पड़ सकती है। जगाधरी की कई कॉलोनियों में सीवर चॉक की समस्या विकराल रूप धारण करने लगी है। हालत यह है कि घरों में शौचालयों से सीवर का गंदा पानी बैक मार रहा है। जगाधरी के मोहन नगर इलाके में गलियों और लोगों के घरों में सीवर का पानी जमा हो रहा है। इससे यहां कभी भी लोग बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।
मोहन नगर में रहने वाले ललित ने बताया कि उनके घर में करीब 20 दिन से सीवरेज का पानी जमा हो रहा है। यह गंदा पानी टायलेट की फ्लश से बैक होकर घर के आंगन में जमा हो जाता है। इससे दिन भर दुर्गंध फैली रहती है और घर में बैठना दूभर हो जाता है।
इसी इलाके में रहने वाले महीपाल व राजकुमार सहित अन्य के घरों में भी इसी प्रकार सीवर का गंदा पानी टायलेट से बैक मार रहा है। लोगों का कहना है कि वे स्थानीय पार्षद को भी समस्या के बारे में कई बार बता चुके हैं, लेकिन उन्होंने भी कोई सुनवाई नहीं की।
उधर, कॉलोनी की गलियों में भी सीवर पूरी तरह चॉक पड़े हैं। कभी-कभार सीवरेज का पानी गलियों में आ जाता है, जिससे गली से निकलना मुश्किल हो जाता है।
मोहन नगर में केवल सीवरेज की समस्या ही नहीं है। यहां सफाई व्यवस्था का भी बुरा हाल है। सफाई कर्मचारी यहां सफाई करने नहीं आते हैं। कॉलोनी के महीपाल, अमरनाथ, व विजय कुमार ने बताया कि कॉलोनी के लोग ही नालियों में जमा कूड़ा बाहर निकालते हैं।
गलियों में लगे कूड़े के ढेर न उठाए जाने से कूड़ा नालियों में पहुंच जाता है, जिससे नालियों चॉक हो जाती है। लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों ने इलाके में सफाई नहीं हुई है। गलियों में जमा कूड़े को उठवाने के लिए कई बाद सफाई कर्मचारियों को कहा, लेकिन वे इसे अनसुना कर देते हैं।
सिविल अस्पताल यमुनानगर के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विजय दहिया ने बताया कि सीवर का पानी जमा होने से इसके संपर्क में आने पर स्किन डिसीज हो सकती है। इस मौसम में सफाई बहुत जरूरी है। नालियों में मक्खी-मच्छर पनपने पर मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है।
पब्लिक हेल्थ विभाग के एक्सईएन विकास बाल्यान ने बताया कि जगाधरी का सीवरेज यमुनानगर से होकर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में जाता है। गाबा अस्पताल के पास सीवरेज लाइन ब्लाक है, जिस कारण शहर का सीवरेज आगे नहीं जा पा रहा है। ब्लाक को ठीक करवाया जा रहा है। जल्द ही सीवरेज चालू हो जाएगा।