डीएवी गर्ल्स कॉलेज में बुधवार को राजनीति विज्ञान विभाग तथा मानवाधिकार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिलास्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता हुई। इसमें डीएवी कॉलेज, गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज, महाराजा अग्रसेन कॉलेज तथा हिंदू गर्ल्स कॉलेज व राजकीय कॉलेज छछरौली से आई टीमों ने हिस्सा लिया। गांधी मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी नई दिल्ली के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अनिल दत्त मिश्रा व पंजाब यूनिवर्सिटी के गांधी एंड पीस स्टडी विभाग से सेवानिवृत्त प्रोफेसर एमएल शर्मा ने बतौर निर्णायक शिरकत की। संसद की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से हुई। राष्ट्रपति ने दोनों सदनों को संबोधित करते हुए सरकार द्वारा बनाई जा रही योजनाओं पर प्रकाश डाला। युवा संसद में सबसे पहले विपक्ष द्वारा महिला सशक्तिकरण का मुद्दा उठाया गया। डीएवी गर्ल्स कॉलेज की छात्रा सुमेधा ने सरकार से सवाल किया अभी तक लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित बिल पारित क्यों नहीं किया गया है,
जबकि इसे राज्यसभा से स्वीकृति मिल चुकी है। इस सवाल पर सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्री कनिका ने माननीय लोकसभा स्पीकर के समक्ष अपनी बात को बेहतर तरीके से रखते कहा अभी सरकार को बने ढाई साल हुए हैं। महिलाओं को आरक्षण देने के लिए उनकी सरकार वचनबद्ध है। इसके उपरांत नक्सलवाद का मुद्दे पर विपक्ष (जीएनजी कॉलेज से आई टीम) ने सरकार को घेरने का प्रयास किया। गृहमंत्री से नक्सलवाद को रोकने के लिए उठाए गए कदम के बारे में विस्तार से रिपोर्ट मांगी। इस पर गृहमंत्री (जीएनजी की छात्रा) ने सरकार द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आधार पर आंकड़े प्रस्तुत किए, लेकिन इसके विरुद्ध विपक्ष एकजुट हो गया और उन्होंने संसद में हंगामा कर दिया। इस कारण लोकसभा स्पीकर बनी अनुराधा ने कुछ देर के लिए संसद की रोक दी। साथ ही विपक्ष को हिदायत दी कि वह संसद की मर्यादा को बनाए रखे।
संसद के दूसरे सत्र में सरकार तथा विपक्ष के बीच खुली वार्तालाप का आयोजन किया गया। इसमें सरकार में पारदर्शिता, नक्सलवाद, चुनावी सुधार इत्यादि मुद्दों पर खुली चर्चा की गई। विपक्ष (महाराजा अग्रसेन कॉलेज की टीम) ने आरोप लगाया सरकार में पारदर्शिता के नाम पर दिखावा किया जा रहा है। इस पर कानून और न्याय तथा इंफॉरमेशन एंड टेक्नोलॉजी मंत्रालय के मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं की जानकारी इंटरनेट पर मुहैया कराई जा रही है। साथ ही लेनदेन ऑनलाइन किया गया है, ताकि रिश्वतखोरी को जड़ से खतम किया जा सकें। लेकिन विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नजर नहीं आया और उन्होंने संसद में हंगामा मचा दिया। लोकसभा स्पीकर के हस्तक्षेप के उपरांत विपक्ष शांत हुआ। सभागार में बैठे दर्शकों ने संसद की लाइव कार्यवाही देखकर जमकर तालियां बजाई। प्रतियोगिता में मेजबान कॉलेज ने पहला, महाराजा अग्रसेन कॉलेज ने दूसरा तथा गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज ने तीसरा स्थान अर्जित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुषमा आर्य, मानवाधिकार विभागाध्यक्ष डॉ. मलकीत सिंह, राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्षा डॉ. शिखा सैनी ने संयुक्त रूप से की। प्रिंसिपल डॉ. सुषमा आर्य तथा वुमन स्टडी सेंटर की डायरेक्टर डॉ. विश्व मोहिनी ने विद्यार्थियों द्वारा संसद में उठाए गए सभी मुद्दों की सराहना की। कार्यक्रम को सफल बनाने में मानवाधिकार विभाग की प्राध्यापिका मोनिका, साक्षी, नेहा कांबोज, लोक प्रशासन विभाग की प्राध्यापिका पूजा ने सहयोग दिया।