पहाड़ों पर हो रही बारिश से यमुना नदी दूसरे दिन भी उफान पर रही। हथनीकुंड बैराज पर दोपहर एक बजे एक लाख तीन हजार 988 क्यूसिक पानी दर्ज किया गया। मंगलवार को पांच घंटे तक यमुना में बाढ़ की स्थिति बनी रही।
पहाड़ों पर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में बरसात होने से सुबह से ही यमुना का जलस्तर बढ़ता रहा। सिंचाई विभाग के मुताबिक सुबह नौ बजे बैराज में 88248 क्यूसिक पानी रिकार्ड किया गया। नदी का पानी बाढ़ के निशान पर पहुंचते ही बैराज पर मौजूद कर्मचारियों ने पश्चिमी व पूर्वी यमुना नहर में पानी की आपूर्ति बंद कर दी और सारा पानी यमुना नदी से गुजरने लगा। इसके बाद यमुना नदी में दो बजे तक बाढ़ की स्थिति बनी रही। इस सीजन में पहली बार लगातार दो दिन यमुना नदी में बाढ़ आई है। सोमवार को यमुना में अधिकतम जलस्तर एक लाख 59 हजार क्यूसिक रहा और सात घंटे तक बाढ़ की स्थिति बनी रही थी।
यमुना में बाढ़ आने से जिला प्रशासन ने नदी के साथ लगते गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों को नदी की ओर न जाने को कहा जा रहा है। वहीं, बाढ़ से निपटने की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारी यमुना नदी के पानी पर बनाए हुए हैं और पल पल की जानकारी डीसी को दी जा रही है।
-02 अगस्त को यमुना नदी में आए पानी का ब्यौरा-
समय पानी (क्यूसिक में)
आठ बजे 56927
नौ बजे 88248
10 बजे 93972
11 बजे 84432
12 बजे 79524
एक बजे 103988
दो बजे 77070
तीन बजे 68522
चार बजे 44000