यमुनानगर जिले के खेड़ी लक्खा सिंह गांव में चौकी के पास हुए चर्चित ट्रिपल मर्डर की जांच में एसटीएफ करनाल ने तत्कालीन जेल अधीक्षक विशाल छिब्बर और हेड वार्डर दीप चंद की कथित भूमिका उजागर की है। अदालत में दाखिल चार्जशीट में दोनों पर जगाधरी जेल में बंद गैंगस्टर काला राणा को मोबाइल उपलब्ध कराने और बदले में आर्थिक लाभ व महंगे उपहार लेने के आरोप लगाए गए हैं।
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विशाल छिब्बर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी है और उन्हें 10 जून को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, दीप चंद ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली। एसटीएफ के अनुसार काला राणा ने जेल से ही तिहरे हत्याकांड की साजिश रची थी। जांच में महंगे जूते और राडो घड़ी दिए जाने के भी साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।