थाना छप्पर ग्राम पंचायत की सरपंच सुनीता देवी की सरपंची खतरे में पड़ गई है। सीएम विंडो पर दर्ज एक शिकायत के बाद डीईईओ की ओर से की गई छानबीन में उनका स्कूल ट्रांसफर सर्टीफिकेट (टीसी) जाली मिला है। अब शिक्षा विभाग टीसी की नए सिरे से जांच कर रहा है।
थाना छप्पर गांव के बृजपाल ने 25 मई को सीएम विंडो में शिकायत दी थी कि ग्राम पंचायत थाना छप्पर की सरपंच सुनीता देवी ने चुनाव के समय जो शैक्षिक प्रमाण पत्र जमा करवाया था, वह फर्जी है। उपायुक्त ने इसकी जांच के आदेश जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को दिए थे।
मुजफ्फरनगर के स्कूल से जारी नहीं हुई टीसी
सरपंच सुनीता देवी ने नामांकन करते समय अपनी शैक्षिक योग्यता आठवीं पास दर्शाई थी। सरपंच की ओर से जो शैक्षिक प्रमाण पत्र की कॉपी दी गई थी, वह उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के चौ. चरण सिंह वैदिक जूनियर हाई स्कूल, पीनना का है। डीईईओ की ओर से मुजफ्फरनगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को इसकी सत्यता जानने के लिए लैटर लिखा था। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुजफ्फरनगर ने खंड शिक्षा अधिकारी बघरा से इसकी जांच करवाई। खंड शिक्षा अधिकारी ने रिपोर्ट दी कि सुनीता देवी के नाम से जो टीसी बनी है, वह चौ. चरण सिंह वैदिक जूनियर हाई स्कूल, पीनना से जारी नहीं हुई है।
नए सिरे से जांच
थाना छप्पर सरपंच की शैक्षिक प्रमाण पत्र की जांच करवाई गई है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से दी गई रिपोर्ट में सरपंच का शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी बताया गया है। सरपंच के शैक्षिक प्रमाण पत्र की नए सिरे से जांच करवाई जा रही है। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
गगनदीप सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी।