सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। अल सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी। दिनभर मंदिरों में पूजा-अर्चना और शिवलिंग पर जलाभिषेक का दौर चलता रहा। शिवभक्तों ने भगवान शिव को अतिप्रिय बेलपत्र, भांग, धतुरा सहित अन्य फलों और मिष्ठान का भोग लगाया और मन्नत मांगी। दूसरी तरफ कांवड़ यात्रा पर निकले कांवड़ियों की सेवा हेतु लगे कांवड़ शिविरों में सुबह से शाम तक बोल-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे।
सोमवार को सबसे अधिक भीड़ जगाधरी में स्वयंभू श्रीगौरी शंकर मंदिर, भटौली स्थित स्वयंभू शिवमंदिर, अमादलपुर स्थित स्वयंभू पातालेश्वर महादेव मंदिर में रही।
इनके अलावा यमुनानगर शहर में मॉडल टाउन स्थित सनातन धर्म मंदिर, आजाद नगर गली नंबर-13 के समीप स्थित शिव मंदिर, जगाधरी रेलवे स्टेशन स्थित शिव मंदिर, पेपर मिल गेट के समीप स्थित गीता भवन मंदिर, कैंप की जम्मू कॉलोनी स्थित शिव मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, वीना नगर स्थित शिव मंदिर, कैंप मेन बाजर के समीप महाशिव मंदिर, गीता भवन मंदिर में भी अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगने लगा। जगाधरी के भाटली स्थित प्राचीन स्वयंभू शिव मंदिर के पुजारी आचार्य जितेंद्र शास्त्री ने बताया कि पूरा सावन माह भगवान शिव की भक्ति को समर्पित है। इसमें हर सोमवार और खासकर पहले सोमवार का अधिक महत्व माना गया है। इस दिन जो भक्त सच्चे मन से शिव की आराधना और व्रत रखते हैं, भगवान उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
महिलाओं ने रखा व्रत
आजाद नगर की गली नंबर-13 के समीप स्थितशिव मंदिर में जलाभिषेक करने पहुंची महिला श्रद्धालुओं सुनीता, सीमा, नीशा आदि ने बताया कि वह सावन के पहले सोमवार के दिन व्रत रखती हैं और मंदिर में जलाभिषेक और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करती हैं। उधर, मॉडल टाउन के सनातन धर्म मंदिर में जलाभिषेक करने पहुंची बिमला, सुजाता, साक्षी, प्राची व मेघना ने बताया कि वे मंदिर में जलाभिषेक व पूजा अर्चना करने सुबह आठ बजे से ही पहुंच गई थीं।