सहारनपुर में हुई हिंसा में घायल दलितों से मिलने यमुनानगर के रास्ते सहारनपुर जा रही राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा के काफिले को उत्तर प्रदेश पुलिस ने सहारनपुर जिले के शाहजहांपुर में रोक लिया और वापस लौटा दिया। देर शाम यमुनानगर के पीडब्ल्यूडी रेस्ट में पत्रकार वार्ता करते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि सहारनपुर जाने के लिए उन्होंने वहां के डीएम से परमीशन ली हुई थी। बावजूद उन्हें वहां जाने से रोका गया। रोष जताते कहा कि यदि वहां नहीं जाने देना था तो परमीशन क्यों दी। कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है।
भाजपा सरकार की नीति रही है कि दंगे भड़काओं और राज करो। कभी ऐसा नहीं हुआ कि किसी सांसद को एसपी के घर के बाहर धरना देना पड़ा हो। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय भाजपा सरकार ने वादा किया था कि हर साल दो लाख युवाओं को रोजगार देंगे। लेकिन अभी तक एक भी युवा को रोजगार नहीं दिया गया। भाजपा सरकार पांच सौ करोड़ रुपये मीडिया पर खर्च कर झूठी वाहवाही लूट रही है। लेकिन धरातल पर कोई काम नजर नहीं आता। राज्यसभा सांसद ने कहा कि आज भाजपा सरकार अपने तीन साल का बखान कर रही है। जिस तरह के दंगे सहारनपुर में देखने को मिल रहे हैं, क्या भाजपा सरकार की यही उपलब्धि है।