बारिश से जगाधरी में बीच बाजार स्थित एक 70-80 साल पुराना भवन ढह गया। गनीमत रही कि उस समय मार्ग से कोई व्यक्ति नहीं निकल रहा था, नहीं तो काफी जानी नुकसान हो सकता था। भवन के ढहने से मलबा सड़क के बीच फैल गया। जिससे मार्ग बाधित हो गया। सूचना मिलते पर एसडीएम प्रेम चंद, नगर निगम अधिकारी व पार्षद मौजी सेठी पहुंचे। नगर निगम ने जेसीबी व निगम कर्मचारियों की मदद से सड़क पर फैले मलबे को हटाया गया। भवन गिरने के बाद प्रशासन इस प्रकार के पुराने भवनों के मालिकों को नोटिस भेजने की तैयारी में लगा है।
जगाधरी मुख्य बाजार में शर्मा टैंट के नजदीक करनैल सिंह का पुराना मकान है। बुधवार अलसुबह क्षेत्र में हुई बारिश के दौरान यह भवन देखते ही देखते ढह गया। क्षेत्रवासी आशीष मित्तल, चंद्रपाल राणा, नितिन, अभिषेक, गौरव आदि का कहना है कि यदि यह भवन दिन में गिर जाता तो बहुत बड़ा हादसा हो जाता। क्योंकि दिन में इस मार्ग से सैकड़ों लोग इधर उधर जाते है। दिनभर यह मार्ग व्यस्त रहता है। बीच बाजार सड़क में गिरे इस भवन का मलवा दूर दूर तक फैल गया। जिससे मार्ग बाधित हो गया। नगर निगम पार्षद प्रमोद सेठी उर्फ मौजी सेठी की सूचना के बाद एसडीएम प्रेमचंद व नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे। निगम अधिकारियों ने कर्मचारियों व जेसीबी की मदद से सड़क पर फैले भवन के मलबे का उठाया। जिससे मार्ग का सुचारु किया। सुबह लगभग दो घंटे तक लोगों को वैकल्पिक मार्गों से अपने गंतव्यों पर जाना पड़ा। शहर में अब भी कई क्षेत्रों में जर्जर भवन हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। प्रशासन इनको लेकर सचेत हो गया है।
वर्जन
जगाधरी में पुराने भवन के ढहने की सूचना पर वे मौके पर गए थे। भविष्य में फिर से कोई ऐसी घटना न हो इसके लिए नगर निगम अधिकारियों को पुराने व जर्जर हो चुके भवन मालिकों को नोटिस भेजने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके बाद भवनों को ढहाया जाएगा।
प्रेमचंद, एसडीएम, जगाधरी।