दीपेंद्र कुमार
यमुनानगर। विधानसभा चुनाव में जीत के बाद अब सरकार के गठन की कवायद तेज हो गई है। हरियाणा की नई सरकार में किसे जगह मिलेगी, इस पर मंथन चल रहा है। यमुनानगर जिले को इस बार भी मंत्री पद मिल सकता है। जिले से भाजपा के दोनों ही विधायक मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं।
प्रदेश को पहला मुख्यमंत्री देने वाले यमुनानगर जिले की निगाहे इस बार भी मंत्रिमंडल पर लगी है। यमुनानगर जिले की चार विधानसभा सीटों पर दो पर भाजपा और दाे पर कांग्रेस को जीत मिली है। घनश्याम अरोड़ा ने यमुनानगर सीट पर लगातार तीन बार जीत दर्ज कर रिकॉर्ड कायम किया है।
उन्होंने लगातार तीन बार चुनाव जीतने वाले यमुनानगर से पहले विधायक बनकर मंत्रालय में अपना दावा ठोक दिया है। इसके साथ ही रादौर सीट को कांग्रेस से छीनकर भाजपा की झोली में डालने वाले श्याम सिंह राणा भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल हो गए हैं। वह दूसरी बार विधायक बने हैं। इससे पहले वह 2014 में विधायक बने थे।
जिले के सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा है कि इस बार भी यमुनानगर जिले से कम से कम एक मंत्री बनाया जाएगा। हालांकि, अभी इस पर पुख्ता तौर पर कोई तय नहीं हुआ है। फिर भी दोनों विधायकों में से एक को मंत्री पद मिलने की प्रबल संभावनाएं हैं।
पिछली सरकार में जगाधरी सीट से दो बार के विधायक रहे पूर्व मंत्री कंवरपाल को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। उन्हें पहले शिक्षा और बाद में कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस बार वह कड़े मुकाबले में कांग्रेस के प्रत्याशी अकरम खान से चुनाव हार गए। संवाद