यमुना नदी में आने वाली बाढ़ की मार जठलाना क्षेत्र के विकास कार्यों पर बुरी तरह से पड़ी है। क्षेत्र में वर्षों पहले विकास के नाम पर गांव संधाली में एक आईटीआई बनवाई गई थी, जो कई वर्ष से बंद पड़ी है। इसके अलावा किसी भी सरकार ने कोई सरकारी कालेज, लड़कियों के लिए कॉलेज, बड़ा बस स्टैंड तथा सरकारी अस्पताल तक नहीं बनवाया। क्षेत्र के लोग दशकों से यमुना नदी की बाढ़ से क्षेत्र को बचाने के लिए यमुना के साथ साथ पक्की पटरी व यूपी से क्षेत्र को जोड़ने के लिए पुल बनाए जाने की मांग करते आ रहे हैं।
भाजपा की मौजूदा सरकार में रादौर से श्यामसिंह राणा व इंद्री से कर्णदेव कांबोज विधायक है, जो रादौर क्षेत्र से संबंधित है। भाजपा की सरकार बनने के बाद जनता को उम्मीद जगी थी कि इस बार यमुना की पटरी पक्की हो जाएगी और उनकी फसलें व भूमि बाढ़ के प्रकोप से बच जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
स्थानीय निवासी दिलावर पंजेटा, प्रदीप लालर, राजकुमार संधू, दीनदयाल, प्रवीण कुमार जठलाना, सुनील कांबोज ने बताया कि जब भी जठलाना क्षेत्र में कोई सरकारी कॉलेज, स्टेडियम, अस्पताल या अन्य विकास कार्य की मांग की जाती है तो अधिकारी सरकार को जठलाना में बाढ़ आने की बात कह कर टाल जाते हैं। कोई सरकारी कॉलेज न होने के कारण क्षेत्र में लड़कियां बारहवीं कक्षा से आगे पढ़ाई नहीं कर पाती। जठलाना में कोई बस स्टैंड नहंीं है। मुनानगर-गुमथला सड़क मार्ग वाया जठलाना पर बसों की संख्या बेहद कम है।
-यूपी में यमुना की पटरी बनी पर जठलाना में नहीं
यमुना की बाढ से जठलाना क्षेत्र के यमुना नदी किनारे बसे गांवों को बचाने के लिए पटरी की बेहद आवश्यक है। यूपी ने अपनी साइड गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए उंची पटरी बांधने का काम शुरू किया हुआ है। लेकिन जठलाना क्षेत्र में पटरी बनाना तो दूर की बात, सरकार पटरी बनाने की योजना पर भी कोई कार्य नहीं कर रही है। जठलाना निवासी राजकुमार संधू, अनिल कांबोज, सर्वप्रिय ने बताया कि यूपी की पूरी पटरी बनने के बाद बाढ का सारा पानी जठलाना क्षेत्र में मार करेगा।