रादौर। प्रशासनिक अधिकारियों, घाट ठेकेदारों व जठलाना पंचायत के बीच पंचायती रास्ता देने को लेकर समझौता हो गाय। समझौते के तहत पौबारी घाट के ठेकेदार नौ वर्ष तक जठलाना पंचायत को पंचायती रास्ता इस्तेमाल करने के लिए 10 लाख रुपए अदा करेगा। साथ ही ठेकेदारों की ओर से गांव जठलाना में तीन सफाई कर्मचारी लगाए जाएंगे, जिनका वेतन घाट ठेकेदार ही देगा। इसके बाद जठलाना पंचायत ने पौबारी घाट के ठेकेदारों को यमुना नदी में खनन करने के लिए पंचायती रास्ता मुहैया करवा दिया है। समझौते के बाद कई दिनों से चला आ रहा रास्ते का विवाद खत्म हो गया।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले गांव जठलाना की पंचायत ने सरपंच डॉ. संजीव कुमार, पूर्व सरपंच बीरसिंह, लोकेंद्र राणा, गुलशन मेहता, अशोक पंच, रामचंद्र, दर्शन लाल के नेतृत्व में ठेकेदारों द्वारा खनन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा पंचायती रास्ता वाहनों की आवाजावी के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया था। जिस कारण पंचायती रास्ते पर 100 से अधिक वाहन दो दिन जाम में फंसे रहे। परंतु ग्रामीणों ने रास्ता नहीं खोला। प्रशासन की ओर से रास्ता खुलवाने के प्रयास किए गए, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। डीडीपीओ गगनदीप, पौबारी घाट के ठेकेदारों व जठलाना पंचायत के बीच रविवार को बैठक हुई, जिसमें दोनों पक्षों में समझौता हो गया। जिसके बाद पंचायत ने रास्ता खोल दिया है।
रेत को भिड़े, दिन में हुआ राजीनामा
शनिवार रात को गांव पौबारी का एक व्यक्ति घाट पर ट्रैक्टर ट्राली से रेत लोड करवाने गया था। इस दौरान गांव पौबारी के ग्रामीणों से घाट ठेकेदारों के आदमियों के साथ बहस हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और ग्रामीण लाठियां व डंडे लेकर घाट पर पहुंच गए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठियां व डंडे चले। रात को हुए विवाद के बाद दिन में दोनों पक्षों में राजीनामा भी हो गया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस भी पहुंच गई। उधर, इस बारे थाना जठलाना प्रभारी गुरमेल सिंह ने बताया कि घाट पर रेत लोड करने को लेकर गांव पौबारी के एक व्यक्ति से ठेकेदारों के आदमियों की बहस हुई थी। रविवार को दोनों पक्षों का में राजीनामा हो गया।