जगाधरी शहर में सीवरेज चोक व श्मशान घाट रोड पर दुकानों में पानी भरने की समस्या अगले साल तक दूर हो जाएगी। जगाधरी के अहम प्रोजेक्ट परवालो सीरवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो गया है। यह प्रोजेक्ट पूर्व सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ था, लेकिन राजनीतिक खींचतान के चलते लंबे समय तक इसका निर्माण रुका रहा।
अब बुड़िया चौक से अग्रसेन चौक तक ट्रंक सीवर बिछाने का कार्य शुरू हो गया है, जो कि अग्रसेन चौक होते हुए परवालो तक जाएगा। उधर, परवालो में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। प्लांट व ट्रंक सीवर का निर्माण पूरा होने के बाद जगाधरी के सीवरेज को यमुनानगर से अलग कर इसे परवालो प्लांट से जोड़ दिया जाएगा। इस प्लांट में केवल जगाधरी का सीवरेज आने से जगाधरी शहर की 50 से अधिक कॉलोनियों में सीवरेज की चोक होने की समस्या भी दूर हो जाएगी।
-श्मशान घाट पर नहीं होगा जलभराव
परवालो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट शुरू होने से जगाधरी के श्मशान घाट मार्ग पर सड़क व दुकानों में होने वाले जलभराव की समस्या भी खत्म हो जाएगी। गौरतलब है कि बारिश होते ही इस रोड पर तीन से चार फुट तक पानी जमा हो जाता है। रोड के दोनों ओर 200 से अधिक दुकानों में भी पानी घुस जाता है, जिससे दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान होता है।
इससे बढ़ी हुई है समस्या
जगाधरी शहर में सौ से अधिक कॉलोनियां हैं। इन कॉलोनियों का सीवरेज यमुनानगर के जम्मू कॉलोनी के नजदीक बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में जाता है, जहां से इसे ट्रीट कर पश्चिमी यमुना नहर में डाला जाता है। इस सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 24 एमएलडी की है। प्लांट में पहले यमुनानगर शहर का सीवरेज ट्रीट किया जाता है। इसके बाद हुडा सेक्टर 17 की बारी आती है। इसके बाद जगाधरी का सीवरेज प्लांट में साफ होता है। इसमें काफी समय लग जाता है, जिस कारण जगाधरी के सीवरेज फुल हो जाते हैं और सीवरेज के चोक होने की समस्या भी आती है। जगाधरी की लगभग हर कॉलोनी में सीवरेज चोक होने की समस्या है।
-राजनीतिक लड़ाई में रुक गया था एसटीएम का निर्माण
24 एमएलडी क्षमता का परवालो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट प्राजेक्ट वर्ष 2011 में शुरू हुआ था। इसके लिए परवालो में करीब 27 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी। जमीन अधिग्रहण के बाद कई साल तक प्रोजेक्ट काफी धीमी गति से चला। बाद में ग्रांट न मिलने से यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसकी वजह तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व उस समय की सांसद कुमारी शैलजा के बीच आपसी खींचतान अहम वजह रही। प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद इस प्रोजेक्ट को पुनर्जीवित करने के प्रयास हुए। फिलहाल प्राजेक्ट के लिए ग्रांट आने के बाद इसके निर्माण का कार्य जोर-शोर से किया जा रहा है।
-वर्जन-
परवालो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रोजेक्ट के तहत बुड़िया चौक पर ट्रंक सीवर डाला जा रहा है। वहीं, परवालो में भी प्लांट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अगले साल तक प्लांट चालू हो जाएगा।
सौरभ अहलावत, एसडीओ, पब्लिक हेल्थ