इंडस्ट्रियल एरिया के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा न मिलने पर किसान प्रदेश सरकार के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। कोर्ट सरकार को प्रति एकड़ 30 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दे चुका है। शुक्रवार को उद्यमगढ गांव में हुई पंचायत में किसानों ने फैसला किया कि यदि सोमवार तक सरकार ने उन्हें निर्धारित मुआवजा नहीं दिया तो वे एचएसआईडीसी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। इस पंचायत में उद्यमगढ़, गढी व मानकपुर केे करीब डेढ़ सौ किसान शामिल हुए। किसानों ने इस बात पर रोष जताया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार ने अब तक उन्हें मुआवजा राशि नहीं दी है।
आखिर हमारी अनदेखी क्यों
किसान जसपाल सिंह, रविंद्र ने कहा कि हॉल ही में प्रदेश सरकार ने झज्जर के कसार गांव में इंडस्ट्रियल एस्टेट के लिए अधिग्रहित की गई करीब 180 एकड़ जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा दिया है। यह जमीन 2014 में एक्वायर की गई थी, जबकि मानकपुर फेस टू के लिए उनकी जमीनें 2007 में एक्वायर की गई थी। झज्जर की जमीन का बढ़ा मुआवजा लेने के लिए वहां के किसानों ने भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
कोर्ट के आदेश पर भी सरकार गंभीर नहीं
एचएसआईआईडीसी द्वारा इंडस्ट्रियल एरिया मानकपुर फेस टू बनाने के लिए वर्ष 2007 में मानकपुर, गढी व उद्यमगढ़ गांव के करीब 150 किसानों की करीब 180 एकड़ जमीन एक्वायर की थी। इसके बाद सरकार ने किसानों को प्रति एकड़ आठ लाख रुपये मुआवजा दिया था। किसानों ने अधिक मुआवजा लेने के लिए कोर्ट में केस दायर कर दिया। बीते वर्ष कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि इन किसानों को प्रति एकड़ 30 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। कोर्ट के आदेश के बावजूद एचएसआईआईडीसी ने प्रभावित किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं दिया तो कोर्ट ने एचएसआईआईडीसी के बैंक खाते अटैच कर दिए थे। इतना ही नहीं इस मामले में कोर्ट के आदेश पर करीब दो महीने पहले डीसी की सरकारी गाड़ी भी अटैच की गई थी। इसके बावजूद सरकार ने अब तक किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं दिया है।
इन किसानों की हुई जमीन एक्वायर-
जसपाल सिंह की 27 एकड़, ओंकार सिंह की 20 एकड़, रविंद सिंह की छह एकड़, दविंद्र सिंह की छह एकड़, राजबीर की पांच एकड़, धूम सिंह की दो एकड़, अनिल कुमार की दो एकड़ व दर्शनलाल खेड़ा की एक एकड़ के अलावा सैकड़ों किसानों की जमीनें एक्वायर हुई थी।