नेशनल हाईवे 73 व सहारनपुर कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर रांग पार्किंग में खड़े 130 ट्रकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई की। डीएसपी ट्रैफिक उषा कुंडू के नेतृत्व में करीब तीन घंटे तक चली कार्रवाई में पुलिस ने 30 ट्रकों के मौके पर ही चालान किए, जबकि चालक न होने पर करीब 100 ट्रकों की वीडिय़ों बनाकर उनके मालिकों को पोस्टल चालान भेजे गए। बतां दे कि हाईवे पर ट्रक खड़े होने से हर समय जाम की स्थिति रहती है। जिससे हरियाणा सहित दिल्ली, यूपी, उत्तरांचल व पंजाब का यातायात प्रभावित होता है।
हाईवे किनारे खड़े ट्रकों पर कार्रवाई करने के लिए डीएसपी उषा कुंडू के नेतृत्व में ट्रैफिक एसएचओ यमुनानगर निर्मल सिंह, ट्रैफिक एसएचओ जगाधरी राजबीर सिंह, गांधी नगर चौकी प्रभारी पृथ्वी सिंह सहित अन्य पुलिस कर्मी मंगलवार सुबह सहारनपुर कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर जोड़ियों नाके के नजदीक पहुंचे। टीम ने यहां आते ही सड़क किनारे खड़े ट्रकों के चालान काटने शुरू कर दिए। कार्रवाई से ट्रक चालकों में अफरा तफरी मच गई। कुछ ट्रक चालक अपने वाहनों को वहीं छोड़ इधर-उधर फुर्र हो गए। पुलिस ने स्टेट हाईवे पर जोडिय़ों नाके से लेकर विश्वकर्मा चौक तक कार्रवाई की। टीम में हमीदा चौकी इंचार्ज जसबीर सिंह को भी शामिल किया गया। चंडीगढ़ रुड़की नेशनल हाईवे 73 पर विश्वकर्मा चौक से लेकर पुराना हमीदा तक सड़क किनारे खड़े ट्रकों पर कार्रवाई की। पुलिस ने एक के बाद एक 40 ट्रकों के चालान कर उनसे मौके पर ही जुर्माना वसूला। कई ट्रकों के दस्तावेज भी जांचे गए। रांग पार्किंग के अलावा जांच में पोल्यूशन, आरसी, इंश्योरेंश आदि के भी चालान किए। ट्रकों पर 100 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक जुर्माना किया गया। मौके से फरार हुए ट्रक चालक को पोस्टल चालान भेजे गए। पुलिस ने दोनों मार्गों से करीब 100 ट्रकों के पोस्टल चालान किए। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार पुलिस के यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
पोस्टल चालान कर ट्रकों की बनाई वीडियो
करीब 100 ट्रक हाइवे पर ऐसे मिले जिनके ड्राइवर मौके पर थे ही नहीं। इसलिए इन ट्रकों का पोस्टल चालान किया गया। सड़क किनारे रांग पार्किंग में खड़े ट्रकों की कैमरे से वीडियो बनाई गई। पुलिस के अनुसार ट्रकों की नंबर प्लेट के आधार पर उनके मालिकों की पहचान कर चालान घर भेजा जाएगा। यदि कोई चालान भुगतने नहीं आया तो उसका केस कोर्ट में भेज दिया जाएगा। ऐसे में उन्हें जुर्माना अदा करने के लिए कोर्ट के चक्कर काटने पड़ेंगे।
हर समय रहती है जाम की स्थिति
नेशनल हाईवे 73 पर ट्रक दिनरात खड़े रहते हैं। इन ट्रकों के कारण हाईवे फोरलेन की बजाय टू लेन रह गया है। क्योंकि ये हाईवे पर ही खड़े रहते हैं। इनसे हाईवे की सड़क संकरी हो गई है। वाहनों को चलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती जिससे जाम लगता है। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस से कलानौर तक की दूरी केवल 20 मिनट की है। लेकिन इन ट्रकों के कारण यहां सारा दिन जाम रहता है। जिस वजह से 20 मिनट की दूरी करीब एक घंटे में तय होती है।
सड़क पर चलती है वर्कशाप
नेशनल हाईवे पर ट्रक खड़े करने के अलावा कुछ लोगों ने हाईवे पर ही वर्कशाप खोली हुई है। दूर दराज से आने वाले चालक ट्रकों को हाइवे किनारे खड़ा कर देते हैं। इसके बाद चालक अपने घर चले जाते हैं या फिर ढाबे पर खाना खाने चले जाते हैं। तब तक ट्रकों को मैकेनिक के हवाले कर दिया जाता है। ट्रकों में जो छोटी-मोटी खामियां होती है मैकेनिक उन्हें ठीक करते है। आधे हाइवे पर तो ट्रक खड़ा रहता है और जो जगह बचती है उस पर मैकेनिक अपना सामान बिखेर देते हैं। ऐसे में हाईवे पर ही वर्कशाप चलती है।
संकरे रास्ते पर जाम के साथ खतरे में जान
हाईवों पर सड़क किनारे ट्रक खड़े होने से रास्ता काफी संकरा हो जाता है। जिले में ट्रांसपोर्ट नगर न होने से हजारों ट्रक शहर से निकलते हाईवे व अन्य सड़कों के किनारे खड़े रहते हैं। सबसे अधिक ट्रक एनएच-73 खानचंद चौक से पश्चिमी यमुना नहर पुल मार्ग के दोनों ओर खड़े होते हैं। यहीं पर ही ट्रकों की मरम्मत का भी कार्य किया जाता है। मार्ग के संकरा होने से हर वक्त जाम की दिक्कत के साथ हादसों की भी संभावना बनी रहती है।
एक बार में निकल पाता है सिर्फ एक चारपहिया वाहन
शहर से गुजरने वाले एनएच-73 के एक ओर शहर की आधी आबादी का एरिया पुराना हमीदा में बसा हुआ है। दोनों हाईवों से हरियाणा के विभिन्न जिलों के अलावा यूपी, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश आदि का ट्रैफिक यहीं से निकलता है। इससे ट्रैफिक बढने पर जाम की स्थिति में हाईवे की एक लेन पर एक बार में एक ही चारपहिया वाहन निकल पता है। इस बीच तीन व दोपहिया वाहन चालकों सहित राहगीरों का गुजरना जोखिम भर बन जाता है।
सड़क किनारे खड़े रांग पार्किंग में खड़े करीब 40 ट्रकों के मौके पर ही चालान किए गए, जबकि 100 के कीब ट्रक मालिकों को पोस्टल चालान भेजे गए। ताकि हाईवे पर जाम की दिक्कत के साथ हादसों पर अंकुश लग सके। भविष्य में भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
- निर्मल सिंह, एसएचओ, ट्रैफिक थाना यमुनानगर।