फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वच्छता में 71 पायदान बढ़ी रैकिंग, 147वें स्थान पर रहा यमुनानगर-जगाधरी

विज्ञापन
विज्ञापन
स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 का परिणाम आ चुका है। इस बार यमुनानगर-जगाधरी ने पिछले साल की अपेक्षा स्वच्छता में लंबी छलांग लगाई है। पिछले साल जहां अपने शहर का 218वां रैंक आया था। वहीं, इस बार इसमें बहुत सुधार हुआ और 71 पायदान की लंबी छलांग लगाते हुए इस बार 147वां रैंक हासिल किया। वहीं, हरियाणा राज्य में 17 में से यमुनानगर नौंवे स्थान पर रहा। नगर निगम इसे बड़ी उपलब्धि मान रहा है।
विज्ञापन

बता दें दिसंबर 2019 में केंद्र की टीम ने ट्विन सिटी का सर्वेक्षण किया था। बेहतर रैंकिग के लिए नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने काफी पसीना बहाया। शहर के शौचालय, मुख्य मार्गों, गलियों व अन्य स्थानों की खूब सफाई की गई थी। यहां तक कि लोगों को जागरूक करने के लिए सक्षम कर्मियों की मदद भी ली गई थी।
गुपचुप तरीके से हुआ था सर्वेक्षण
हालांकि शहर में सर्वेक्षण टीम आने की चर्चा अक्तूबर नवंबर से थी। जब केंद्र से टीम सर्वेक्षण करने पहुंची तो किसी को कोई खबर नहीं लगी। दिसंबर 2019 में केंद्र की टीम ने गुपचुप तरीके से सर्वेक्षण किया था। अधिकारियों को भनक तक नहीं लगने दी। टीम की ओर से सर्वे किए जाने के बाद अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली। टीम ने ट्विन सिटी की विभिन्न कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था, पानी की निकासी और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को जांचने के साथ-साथ शहरवासियों फीडबैक भी ली थी। टीम ने सभी 22 वार्डों में कचरे को लेकर एक हजार से अधिक लोगों की फीडबैक ली थी। वहीं, स्वच्छता सर्वेक्षण पोर्टल पर भी शहर की स्वच्छता को लेकर लोगों की फीडबैक ली गई थी।
विज्ञापन

किस वर्ष कितना रहा अपने शहर का रैंक:
वर्ष -2017 में : 346वां
वर्ष- 2018 में : 310वां
वर्ष- 2019 में : 218वां
वर्ष-2020 में: 147वां
बॉक्स
हरियाणा में अपने शहर की स्थिति:
जिला - रैंक
करनाल 17
रोहतक 35
पंचकुला 56
गुरुग्राम 62
सोनीपत 103
हिसार 105
रेवाड़ी 118
अंबाला 120
यमुनानगर 147
पानीपत 160
भिवानी 166
जींद 168
सिरसा 176
कैथल 199
बहादुरगढ़ 216
थानेसर 219
पलवल 357
बॉक्स
निगम ने यह की थी व्यवस्था
नगर निगम द्वारा स्वच्छता को लेकर काफी प्रयास किए गए। नगर निगम सीएसआई अनिल नैन के नेतृत्व में कई टीमें बनाई गई। इन्होंने सक्षम की मदद से लोगों को जागरूक किया। इसके अलावा ट्विन सिटी में जरूरत के मुताबिक नीले और हरे रंग के डस्टबिन रखे। इनकी संख्या 200 है। 80 कूड़ा प्वाइंट्स बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा इसके अलावा ममीदी, वार्ड नंबर-9, वार्ड नंबर-12 व वार्ड नंबर-20 में भी कचरा प्रबंधन की व्यवस्था की गई। कैल स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में भी कचरे से खाद बनाने की व्यवस्था की गई। खुले में कचरा डालने वालों पर सख्ती बरती गई। उनको नोटिस दिए गए तो खुले में कचरा डाल रहे हैं। इसके अलावा निगम की गाड़ियों में सूखा व गीला कचरे को अलग-अलग रखे जाने की व्यवस्था की गई। सफाई व्यवस्था पर पूरा ध्यान रहा। सफाई व स्वच्छता को लेकर व्हटसअप ग्रुप बनाए गए। जिनके माध्यम से शहरवासी गंदगी की सफाई करवा सकता है।
बॉक्स
कचरा निस्तारण प्लांट चलता तो और बेहतर हो सकता था रैंक
यमुनानगर-जगाधरी से हर दिन लगभग 350 टन कचरा निकल रहा है। पांच वर्ष से कचरा निस्तारण प्लांट बंद होने के कारण जगह-जगह कचरा डाला जा रहा है। कैल गांव में कचरे के पहाड़ बन चुके हैं। इसके अलावा यमुनानगर व जगाधरी के कई स्थानों पर कचरे के ढेर लगे रहते है। गत वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में कचरा कमजोर पहलू साबित हुआ था। बता दें कि यदि प्लांट चलता तो यमुनानगर एक नंबर पर आ सकता था। हालांकि पिछले सालों की अपेक्षा स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 में यमुनानगर के रैंक में बहुत सुधार हुआ है। लेकिन यदि कचरा निस्तारण प्लांट चलता तो शायद इससे भी बेहतर रैंक यमुनानगर का आता।
वर्जन
शहर को साफ सुथरा व स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम हर प्रयास कर रहा है। नगर निगम के प्रयासों से ही आज हमारा रैंक पहले से बेहतर है। आने वाले समय में इसमें और भी सुधार होगा। जल्द ही अपनी टिवनसिटी साफ सुथरी व पूरी तरह स्वच्छ सिटी होगी।
विज्ञापन

मदन चौहान, मेयर, नगर निगम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें