बुखार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन तीन साल की बालिका डेंगू से पीड़ित मिली है। बालिका बुड़िया की निवासी है और डेगूं पॉजिटिव केस के बाद इस क्षेत्र में डेंगू का खतरा बढ़ गया है। पीजीआई की रिपोर्ट के बाद हरकत में आई स्वास्थ्य विभाग की टीम बुडिय़ा पहुंची तो वहां करीब एक दर्जन घरों से भारी संख्या में डेंगू मच्छर के लार्वा मिले। हालात का जायजा लेने के लिए डिप्टी डायरेक्टर मलेरिया भी यहां पहुंचे।
बताया गया है कि बुड़िया में रहने वाले अमरजीत सिंह की तीन साल की बेटी तनिष्क बुखार से पीड़ित थी। हालत में सुधार न होने पर परिवार के लोग उसे 12 जुलाई को पीजीआई चंडीगढ़ ले गए। वहां उसकी जांच में पता चला कि उसे डेंगू है। बच्ची के प्लेटलेट्स काफी कम हो गए थे और उसे निमोनिया हो गया था। बालिका के डेंगू ग्रस्त होने की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को मिली तो हड़कंप मच गया और आनन फानन में स्वास्थ्य कर्मचारी बुड़िया की तरफ दौड़ पड़े। जिला मलेरिया अधिकारी डा. वीके जैन ने बताया कि बच्ची की हालत अब खतरे से बाहर है।
बड़ी तादाद में मिले लार्वा को किया खत्म
जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुड़िया पहुंच कर पीड़िता बच्ची के घर व आसपास के क्षेत्र में छानबीन की। उसके घर से भारी मात्रा में डेंगू के कारक एडीज मच्छर के लार्वा पाए गए। आसपास के करीब एक दर्जन घरों से भी बड़ी तादात में डेंगू मच्छर के लार्वा मिले। ये लार्वा कूलरों में जमा पानी, छतों पर रखे कबाड़ में जमा पानी में थे। स्वास्थ्य विभाग ने एंटी लार्वा मेडिसन से इनको खत्म करवाया। डिप्टी डायरेक्टर मलेरिया डॉ राजेश, डॉ सीमा, सिविल सर्जन डॉ रमेश ने बुड़िया का दौरा किया।
प्रदेश में अब तक डेंगू के 12 केस
डिप्टी डायरेक्टर मलेरिया डॉ राजेश ने बताया कि प्रदेश में अब तक डेंगू के 12 केस पॉजीटिव मिले हैं, जिनमें छह अंबाला और एक यमुनानगर से है। अब तक डेंगू से कोई डेथ केस सामने नहीं आया है और हालात काबू में है। लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक अभियान चलाया जा रहा है।
डीसी को दी रिपोर्ट
डिप्टी डायेक्टर मलेरिया डॉ राजेश ने डीसी डॉ एसएस फूलिया से मिलकर उन्हें बुड़िया में बड़ी मात्रा में मिलें एडीज के लार्वा के बारे में बताया। इसके बाद डीसी ने अपने कार्यालय में जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें मलेरिया व डेंगू बुखार की रोकथाम के दिशा निर्देश दिए। बैठक में नगराधीश भारत भूषण कौशिक, सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार, उप सिविल सर्जन डॉ. वीके जैन, डीआईपीआरओ अवतार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ये बरतें सावधानी
-डेंगू फैलाने वाला मच्छर साफ पानी में पनपता है। कूलर आदि का पानी प्रतिदिन या एक दिन छोड़कर बदलें।
-पानी की टंकियों को खुली न रखें।
-बेकार टायर, खाली बर्तन आदि में पानी खड़ा न होने दें, ताकि डेंगू फैलाने वाले मच्छर का लारवा न पनप सके। -रात को सोते समय शरीर को ढ़ककर सोएं और मच्छरदानी का प्रयोग करें।
-डेंगू का मच्छर दिन के समय काटता है, इसलिए ऐसे कपड़े पहने जो बदन को पूरी तरह ढके।
-ये भी जानें-
-डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है, बुखार उतारने के लिए पैरासीटामोल ले सकते हैं। -एस्प्रीन या इबुब्रेफे न का इस्तेमाल स्वयं न करें तथा डॉक्टर की सलाह लें।
-डेंगू के हर रोगी को प्लेटलेटस की आवश्यकता नहीं पड़ती। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
-किसी भी प्रकार का बुखार होने पर रक्त की जांच अवश्य करवाएं, ताकि बुखार की किस्म का पता चल सके और उसी बुखार का इलाज किया जा सके।