श्री गुरु रविदास मंदिर सभा कपाल मोचन के बैनर तले दलित समाज के लोग शुक्रवार सुबह पंचायत भवन में एकत्रित हुए। समाज के लोगों ने यहां दलितों पर हो रहे अत्याचारों का विरोध किया और अंग्रेजों द्वारा 1946 में चमार रेजिमेंट पर लगाए प्रतिबंध को हटाकर रेजिमेंट को दोबारा बहाल करने की मांग की। विरोध स्वरूप दलित समाज के सभी लोगों यहां से हाथों में बैनर लेकर जुलूस के रूप में लघु सचिवालय की ओर रवाना हुए। नेशनल हाईवे 73 से होते हुए समाज के लोग जगाधरी अनाजमंडी गेट से होते हुए सचिवालय पहुंचे और जमकर नारेबाजी की।
समाज के लोगों का नेतृत्व सभा के प्रधान अमरनाथ ज्ञासड़ा और जिला परिषद सदस्य राजेश कटारिया ने किया। प्रदर्शन कर रहे समाज के लोगों का ज्ञापन लेने के लिए तहसीलदार दर्शन कुमार मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उन्होंने वीर चमार रेजिमेंट बहाल करने, दलितों पर होने वाले अत्याचारों को रोकने, चार जातियों को एससी वर्ग में ना मिलाने, संविधान के साथ छेड़छाड़ न करने, विभिन्न नियुक्तियों में आरक्षण पूरा करने, बैक लॉग को भरने और रोस्टर प्रणाली लागू कस्त्रत्त्रने की मांग की। प्रदर्शन में रिटायर्ड डीएसपी फूलचंद, राजिंद्र जरोरा, इंद्रसेन, जयपाल, फकीर चंद आर्य, मामराज, संदीप मसाना, दर्शन सिंह, महावीर, गुरदीप, डा. श्रवण कुमार आदि शामिल रहे।
संविधान से छेड़छाड़ सहन नहीं
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि डा. भीमराव अंबेडकर ने भारतीय संविधान को गहन मंथन के बाद बड़े परिश्रम के साथ बनाया था। इस संविधान के साथ कोई भी छेड़छाड़ नहीं की जाए। जिला परिषद सदस्य राजेश कटारिया और श्री गुरु रविदास मंदिर सभा कपालमोचन के प्रधान अमरनाथ ज्ञासड़ा ने कहा कि आज दलितों पर अत्याचार हो रहे है। ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।