विषंक उर्फ विशु हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। उधार दिए गए पैसे मांगने पर दोस्त ने ही उसकी स्मैक की ओवर डोज देकर हत्या की थी। हत्या के बाद दो दिन तक शव को घर में ही रखा और एक दिन गाड़ी में रखकर घर के सामने पार्किंग में खड़ी करके रखी थी। हत्या के अगले दिन शव को ठिकाने लगाने के लिए ओएलएक्स पर कार खरीदी थी। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
एसएसओ शहर थाना यमुनानगर नरेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक विशु और आरोपी विशेष कांबोज निवासी गोविंदपुरी की कई साल से दोस्ती थी। दोनों एक साथ स्मैक का नशा करते थे। विशु के पिता रेलवे से रिटायर्ड हैं। जिस कारण वह पैसे खर्च करता था। विशेष भी उससे कई बार पैसे उधार ले लेता था। 25 जनवरी को विशु ने विशेष के खाते में 90 हजार रुपये जमा कराए थे। इसके बाद 26 जनवरी को विशु विशेष के घर पर पहुंचा और वहां पर एक अलग कमरे में दोनों ने स्मैक पी थी।
उसी समय विशु ने अपने पैसे मांगने शुरू कर दिए थे और विशेष पर दबाव बनाने लगा था। जिस पर विशेष ने योजना बनाकर उसे नशे की ओवरडोज देनी शुरू कर दी। जिससे उसकी मौत हो गई। विशु की मौत होने के बाद वह उसे कमरे में ही बंद कर अपनी सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी पर चला गया। रात को 10 बजे से लेकर सुबह छह बजे तक डयूटी करने के बाद वह घर पर लौटा।
ओएलएक्स पर खरीदी 45 हजार में कार
विशेष ने 27 जनवरी को अपने दोस्त योगेश को बुलाया और उसे पूरी बात बताई। जिसके बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। योजना के तहत शव को कहीं जंगल में फेंकने की बात तय हुई। लेकिन, इसके लिए कार की जरूरत थी। जिस कारण उसी दिन ओलेक्स पर कार की तलाश की। यमुनानगर के ही खजूरी निवासी एक व्यक्ति से 45 हजार रुपये में कार का सौदा किया। बैंक से पैसे निकालकर उसी दिन कचहरी में शपथ पत्र तैयार कर कार खरीदी। इसके बाद 27 जनवरी की रात को विशु के शव को घर से निकालकर कार में रख दिया। कार को योगेश अपने घर गोविंदपुरा ले गया और वहां पर पार्किंग में खडी कर दी।