27 फरवरी को विभाग द्वारा कार्रवाई कर चार दुकानों को सील करने के विरोध में यमुनानगर केमिस्ट एंड ड्रग एसोसिएशन उतर आई है। ऐसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को निजी होटल में प्रेसवार्ता कर प्रशासन को चेताया कि अगर दो दिन में चारों दुकानों की सील न खुली तो सोमवार से जिले के सभी 950 केमिस्ट की दुकानें बंद रखी रहेंगी। एसोसिएशन की ओर से डीसी रोहताश सिंह खरब को ज्ञापन भी दिया गया।
बता दें कि 27 फरवरी से विभाग की कार्रवाई के बाद से अब तक जितेंद्र मेडिकल हाल, ली क्योर फार्मा, मुकेश मेडिकल व आदी इंटरप्राइजेज सील है। इनके संचालक विभागीय कार्रवाई को गलत बता रहे हैं और उनके समर्थन में यमुनानगर केमिस्ट एंड ड्रग एसोसिएशन ने भी हड़ताल पर जाने का मन बना लिया है। इसके लिए प्रशासन को दो दिन का समय दिया गया है। एसोसिएशन के महासचिव राजकुमार बंसल, चरणजीत मक्कड़ व अमित जैन ने कहा एक सप्ताह में शोकॉज नोटिस दिया जाता है। 17 दिन के बाद दो दुकानदारों को नोटिस मिला है, जबकि दो को दो दिन पहले। वर्ष-2011 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दुकान सील करने के कड़े नियम तय किए थे। यहां उन आदेशों की अवहेलना की गई है। इस बारे में वह स्वास्थ्य मंत्री व अधिकारियों से मिले और मांग की कि संबंधित विभाग की बजाए अन्य विभाग से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि 27 फरवरी की कार्रवाई के बाद से केमिस्ट दुकानों के संचालक दहशत में है। इसका असर उनके कारोबार पर भी पड़ रहा है। इसी कारण एसोसिएशन की ओर से प्रशासन को दो दिन का समय दिया गया है। यदि दो दिन के भीतर सभी चारों दुकानों की सील नहीं खोली गई, तो सोमवार से जिले की सभी 950 केमिस्ट की दुकानों को बंद रखा जाएगा और उनके संचालक व स्टाफ सदस्य हड़ताल पर चले जाएंगे।
जबरदस्ती निजी कंपनी की क्रीम रख खींची फोटो
आदी ग्रुप के संचालक आशीष ने बताया कि 27 फरवरी को वह घर पर थे कि उन्हें दुकान से कर्मी ने फोन कर जल्द आने को कहा। जब वह मौके पर पहुंचे तो दुकान का शटर बंद कर दिया और उसे नीचे बैठा दिया गया। आरोप है कि इस दौरान उससे मारपीट भी की गई। यही नहीं निजी कंपनी की क्रीम सप्लाई करने वाले एमआर को बुलवाकर डराया व पीटा गया। इसी दौरान जबरदस्ती निजी कंपनी की क्रीम उनकी दुकान में रख फोटो खींच ली गई। जब अधिकारियों ने देखा कि यह सब सीसी कैमरे में कैद हो गया तो कैमरे की तार भी निकाल दी गई। जबकि दुकान के बाहर के कैमरे में अधिकारियों की मंशा साफ नजर आ रही है। जिला प्रधान मनजीत शर्मा ने कहा कि यह विरोध 27 फरवरी की जबरन कार्रवाई है। उस दिन असिस्टेंट डायरेक्टर कंट्रोल नरेंद्र आहूजा, मनमोहन तनेजा, आदर्श गोयल व अमन चौहान ने जबरन कार्रवाई की है। निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने की नियत से यह सब हुआ है।
नहीं कोई सरकारी दवा की दुकान, हड़ताल से आमजन को होगी दिक्कत
यमुनानगर और जगाधरी में करीब 950 दवा की दुकानें हैं, जबकि कोई सरकारी दवा की दुकान नहीं है। ऐसे में अगर सोमवार से सभी 950 दुकानों के संचालक व स्टाफ हड़ताल पर चले जाते हैं तो आमजन को दवा के लिए भटकना पड़ेगा। ऐसे में दवा के लिए केवल सरकारी अस्पताल व डिस्पेंसरियां ही विकल्प होंगे। वहीं, हड़ताल से सरकार को होने वाला राजस्व भी प्रभावित होगा। चूंकि
950 दुकानों से करीब 35 लाख का कारोबार होता है। इसका सरकार को पांच प्रतिशत राजस्व जाता है, जो कि प्रतिदिन एक लाख 75 हजार रुपये है।