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आशा वर्कर्स ने स्पीकर आवास के नजदीक फूंका स्वास्थ्य मंत्री का पुतला

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भड़की आशा वर्कर्स - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 आशा वर्कर्स ने मंगलवार स्पीकर आवास के नजदीक स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का पुतला फूंका। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर उनकी अनदेखी करने का आरोप लगाया। इससे पूर्व उन्होंने लंबित मांगे के पूरा न होने पर शहर में सड़कों पर उतरकर रोष मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद उन्होंने स्पीकर कंवरपाल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिसमें उन्होंने उनकी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
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आशा वर्कर यूनियन हरियाणा के बैनर तले सैकड़ों आशा वर्कर्स मंगलवार सुबह कन्हैया साहिब चौक पर एकत्रित हुए। यहां उन्होंने प्रधान मीना रानी के नेतृत्व में बैठक की। बैठक के उपरांत सभी आशा वर्कर्स रोष मार्च निकालती गोविंदपुरी रोड से रेलवे रोड होती हुई स्पीकर आवास के नजदीक पहुंची। यहां उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सुरक्षा के मद्देनजर यहां पहले से भारी संख्या में पुलिस कर्मचारी तैनात रहे। पुलिस ने बेरिकेट लगाकर आशा वर्कर्स को स्पीकर आवास व कार्यालय से कुछ पहले ही रोक लिया। आशा वर्कर्स ने यहीं पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का पुतला फूंक रोष प्रकट किया।

इसके बाद उन्होंने स्पीकर कंवरपाल की गैर मौजूदगी में भाजपा नेता व तहसीलदार दर्शन कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा। जिला प्रधान मीना रानी व सचिव नीलम ने कहा कि दो जुलाई को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने आशा वर्कर्ज यूनियन को मिलने का समय दिया था, लेकिन वे यूनियन पदाधिकारियों से नहीं मिले। उसके बाद 29 जुलाई को दोबारा समय दिया गया। इस दौरान भी उन्होंने वर्करज को मिलना व उनकी समस्याओं को सुनना मुनासिब नहीं समझा। स्वास्थ्य मंत्री की इस अनदेखी व रवैये को लेकर वर्करज में भारी रोष है। जिसके चलते आशा वर्कर्स ने उनका पुतला फूंक रोष जताया। प्रदर्शन में जिले की सभी आशा वर्कर्स ने भाग लिया।
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ये है मुख्य मांगे :
- राट्रीय स्वास्थ्य मिशन को स्थाई कार्यक्रम बनाया जाए।
- वर्करज को स्थाई कर्मचारी नियुक्त किया जाए और उनको कम से कम 1800 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाए।
- आशा को पेंशन, प्रसूति अवकाश व स्वास्थ्य सुविधाओं सहित सामाजिक सुरक्षा दी जाए।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत आशा फैसलिटेटर को हटाने का निर्णय वापस लिया जाए।
- 2016-17 के बजट में पर्याप्त बजट उपलब्ध करवाया जाए।
- रुके हुए बजट तुरंत जारी किए जाए।
- रजिस्टर के रख-रखाव के लिए प्रतिमाह 500 रुपये दिए जाए।
- जेएसवाई के ऑडिट पर तुरंत रोक लगाई जाए।
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